दो ही तरीकों से दुगुनी हो सकती है किसानों की आय

20वीं प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक का आयोजन

उदयपुर . महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक मंगलवार को अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय सभागार में हुई।
अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से आय में वृद्धि के लिए अपने निर्धारित कार्यक्रमों में सुधार एवं नवाचारों को अपनाना होगा। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुना करने के लिए हमारे कृषि वैज्ञानिकों का उत्तरदायित्व है कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र मे नवचारों, दक्षता में वृद्धि एवं कार्यक्रमों के सुदृढ़ संचालन, उन्नत तकनिकों एवं गुणवत्तापूर्ण बीजोत्पादन, उन्नत फार्म मशीनों के उपयोग एवं किसानों के लिए कृषि यंत्रों के कस्टम हायरिंग सेन्टर बनाने विशिष्ट सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन किया जाए। इसके लिए पंचायती राज विभाग, विभिन्न वित्तिय सस्थानों, नाबार्ड से मदद ली जा सकती है। भारतीय कृषि कौशल परिषद एवं राजस्थान कौशल विकास विवि के साथ एमओयू करने की जरुरत बताई।
विषय विशेषज्ञ, कृषि विश्वविद्यालय कोटा के पूर्व कुलपति प्रो. जब्बरसिंह सोलंकी ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्रों पर नीडबेस्ड एवं कृषि मे नवाचारों पर यथा एग्रोटेक, सोलर उर्जा के उपयोग, जैविक कृषि, बायो फर्टिलाइजर व बायो पेस्टीसाइड आधारित प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्रभावशाली होने चाहिए जिससे कृषकों की दक्षता में वृद्धि हो। उन्होने आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए गुणवत्ता पूर्ण बीजोत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण व मूल्य संर्वधन की सलाह भी दी।
कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. लिपि दास, प्रधान वैज्ञानिक एवं नॉडल अधिकारी, केन्द्रीय कृषिरत एवं महिला संस्थान, भुवनेश्वर ने कृषि विज्ञान केन्द्रों पर महिला कृषको की दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रमों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने अलग अलग कृषि विज्ञान केन्द्रों को टेक्नोलोजी आधारित विशिष्ट क्षेत्रो में अपनी दक्षता को बढ़ाने एवं उन पर आधारित प्रसार एवं अनुसंधान कार्यो पर जोर देने की बात कही। इस हेतु उन्होने फसल आधारित, उद्यानिकी आधारित एवं पशुपालन आधारित प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों को अपनाने की बात कही।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. एस.एल. मंूदड़ा ने गत वर्ष में निदेशालय के अन्तर्गत कृषि की विभिन्न गतिविधियों के कार्यक्रमों की क्रियान्विति का मूल्यांकन एवं आगामी वर्ष मे किए जाने वाले कार्यक्रमों को प्रभावशाली तरीके से करने के लिए नवीन कार्यक्रमों का लेखा जोखा व कार्य योजना प्रस्तुत की। भीलवाड़ा के धोलीखेड़ा गांव की प्रगतिशील महिला कृषक भंवर कंवर व डंूगरपुर के मणिलाल यादव मौजूद थे। संचालन प्रसार शिक्षा निदेशालय की प्रो. लतिका शर्मा ने किया। डॉ. पी.सी. चपलोत ने आभार जताया।

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