VIDEO : लेकसिटी का नेहरू पार्क होगा आबाद, नावे भी चलेगी, प्राधिकरण भी लेगा कमाई का 25 प्रतिशत

Mukesh Hingar

Publish: Mar, 16 2019 09:43:10 AM (IST) | Updated: Mar, 16 2019 10:48:52 AM (IST)

Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. लेकसिटी फतहसागर झील से नेहरू गार्डन तक लम्बे समय से बंद पड़े नाव संचालन की गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएगी और नेहरू पार्क भी आबाद होगा। बड़ी बात यह है कि झील से होने वाली कमाई का कुछ भाग अब झील विकास प्राधिकरण की जेब में भी जाएगी तथा पर्यटन विभाग को भी सहयोग किया जाएगा। इधर, यूआईटी ने नाव संचालन का टेंडर पूरा कर दिया और जल्द ही इस महीने या अप्रेल महीने के पहले सप्ताह से नाव संचालन शुरू हो जाएगा। राजस्थान झील विकास प्राधिकरण के पास गए इस मामले में निर्णय कर दिया गया है। निर्णय के तहत यह तय किया गया कि नेहरू पार्क तक नाव का संचालन अब यूआईटी ही करेगी, क्योंकि फतहसागर झील यूआईटी को हस्तांतरित कर दी गई है। यह तय किया गया कि नौका संचालन से होने वाली आय का अलग से बैंक में खाता खुलवाया जाए और उसके मिलने वाले राजस्व को झील संरक्षण एवं विकास पर ही खर्च किया जाए। यह भी तय किया इस राशि में से 25 प्रतिशत राशि झील विकास प्राधिकरण तथा शेष 75 प्रतिशत राशि में से कुछ हिस्सा आरटीडीसी को देते हुए शेष रही राशि यूआईटी को दिया जाना ठीक रहेगा।

तीन साल से बंद है नाव संचालन
नेहरू पार्क में नाव संचालन पीडब्ल्यूडी करता रहा है और विवादों के चलते करीब तीन साल से वहां नाव संचालन बंद है, मामला कोर्ट में भी गया और प्रशासन के पास भी। अब जाकर नेहरू पार्क तक नाव संचालन का टेंडर सफल होने के बाद अब संबंधित फर्म नाव का संचालन इसी महीने शुरू करने का प्रयास कर रही है, अभी वहां पर जेटियां तैयार की जा रही है।

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किसने क्या आपत्तियां रखी
- आरटीडीसी : पर्यटन विभाग वर्ष 1980 से ही नौका संचालन का टेंडर करता रहा है, पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखता है, नौका संचालन यूआईटी का कार्य नहीं है, उसका कार्य शहर के विकास कार्यों के लिए होती है, ऐसे में नौका संचालन हमसे ही कराई जाए।

- यूआईटी : झील में नौका संचालन अलग-अलग हिस्सों में तीन संस्थाएं यूआईटी, पर्यटन विभाग एवं नगर निगम टेंडर के जरिए कराया जाता रहा। पर्यटन विभाग के उपक्रम द्वारा ठेकेदार लम्बे समय से है, इनका टेंडर भी 60 लाख के आसपास जाता है जबकि यूआईटी टेंडर ही करीब 2.52 करोड़ रुपए का आया है। जिला कलक्टर ने झील में नौका संचालन की देखरेख करने को कहा है ऐसे में नाव संचालन का कार्य यूआईटी को दिया जाए।

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ऐसे बढ़ती गई नाव संचालन की फाइल
- 14 मार्च 2018 : जिला स्तरीय झील संरक्षण एवं विकास समिति ने निर्णय किया कि झील यूआईअी को हस्तांतरित कर दी गई है ऐसे में अब पर्यटन विभाग नाव संचालन के ठेके की अवधि नहीं बढ़ाए।
- 27 मार्च 2018 : पर्यटन विभाग जयपुर के प्रबंध निदेशक ने एक पत्र में कहा कि नाव संचालन आरटीडीसी लम्बे समय से करता आया है ऐसे में उसे ही करने दिया जाए
- 12 जुलाई 2018 : जिला स्तरीय समिति ने निर्णय किया कि यह प्रकरण राज्य सरकार एवं झील विकास प्राधिकरण के समक्ष भेजा जाए।
- 7 अगस्त 2018 : जिला कलक्टर उदयपुर ने प्राधिकरण को लिखा कि फतहसागर झील में नाव संचालन किससे कराए।

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