उदयपुर की बागोर की हवेली में जुड़ा नया आकर्षण, शाही गाथा गैलेरी में महापुरुषों के फाइबर स्कल्‍पचर

- गैलेरी से बागोर की हवेली का बढ़ा आकर्षण, विभिन्न राज्यों के महापुरुषों के फाइबर स्कल्‍पचर और वहां के राज चिह्न व ध्वज प्रदर्शित कर दिए गए

By: madhulika singh

Updated: 20 Feb 2021, 03:50 PM IST

उदयपुर. बागोर की हवेली की शाही गाथा गैलेरी में विभिन्न राज्यों के महापुरुषों के फाइबर स्कल्‍पचर और वहां के राज चिह्न व ध्वज प्रदर्शित कर दिए गए हैं। ये स्कल्पचर शिल्पग्राम के संगम सभागार में आयोजित हुई फ ाइबर स्कल्पचर कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आए मूर्तिकारों ने तैयार की थीं। इसमें पुराने जमाने के विभिन्न रियासतों के रियासतदारों के मूर्त आवक्ष (बस्र्ट) तथा उनकी रियासत के राज चिह्नों व ध्वजों का सृजन किया गया था।

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कार्यशाला में 14 मूर्तिकारों ने भाग लिया था। अब ये प्रतिमाएं बागोर की हवेली की शान बन गई हैं। इनमें मेवाड़ रियासत के महाराणा प्रताप, किशनगढ़ रियासत के पृथ्वी सिंह, बूंदी के महाराव राजा राम सिंह, जयपुर के जयसिंह द्वितीय, जैसलमेर के रावल जैसल, जोधपुर के राजा जोधा, बीकानेर के जनरल महाराजा सर गंगा सिंह, अलवर के जयसिंह प्रभाकर, मराठा रायासत के छत्रपति शिवाजी महाराज, कच्छ रियासत के महाराजाधिराज मिर्जा महाराव सर खेंगरजी तृतीय सवाई बहादुर तथा जामनगर रियासत के लेफ्टिनेंट कर्नल महाराजा जामश्री रंजीत सिंह, बड़ौदा रियासत के महाराजा सायाजीराव गायकवाड़ के मूर्त आवक्ष शामिल हैं। इसमें रियासतों के राज चिह्न व ध्वज भी लगाए गए हैं।

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इन कलाकारों ने किया तैयार

मुंबई के वैभव मारूति मोरे, राहुल गणेश दलवी, रोहित दिलीप गोरे, कोल्हापुर के संदीप चंद्रकांत वेदांगेकर, प्रदीप चन्द्रकांत कुम्भार, कर्नाटक के बिरदेव अनप्पा येडके, कोल्हापुर के अभिजीत अनिल कुम्भार, रत्नागिरी के सुमेध रामदास सावंत, वाराणसी के धर्मेन्द्र कुमार, कल्याण के सतीश शिवाजी माने, जालना के कलाश्री किरणचन्द लोखण्डे, अहमदनगर के योगेश देवीदास लोखण्डे, ठाणे के प्रवीण गोपीनाथ गौरव तथा मुंबई के प्रथमेश दीपक भोगले ने तैयार किया।

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