यहां आग लग जाए तो चपरासी दौड़ाते हैं दमकल वाहन, आंखें बंद कर बैठे हैं जिम्मेदार

यहां आग लग जाए तो चपरासी दौड़ाते हैं दमकल वाहन, आंखें बंद कर बैठे हैं जिम्मेदार

Madhulika Singh | Updated: 26 May 2019, 06:39:26 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

भींडर-कानोड़ नगर पालिका में बुरे हाल
फायर स्टेशनों में खामियां ही खामियां

उदयपुर. सूरत की घटना ने सबकी आंखें खोल दी है लेकिन हमारे यहां तो ऐसी इमारतों में रहने वालों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार आंखें बंद कर बैठे हैं। दूसरी तरफ जिले की नगर पालिकाओं के फायर स्टेशन की स्थिति भी खराब है। इन क्षेत्रों में स्टाफ के अभाव में दमकल वाहन को भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चला रहे हैं। जिले के फतहनगर-सनवाड़, सलूंबर भींडर व कानोड़ में नगर पालिका है। इन क्षेत्रों का विस्तार दिनों दिन हो रहा है लेकिन फायर फाइटिंग को लेकर पुख्ता प्रबंधन नहीं है।

फतहनगर में भी हैं ऐसी इमारतें
मावली. तहसील की फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका क्षेत्र में कई इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है। ऐसे में आग की घटना हो जाने पर जान का खतरा बना रहता है। पालिका उपाध्यक्ष राजेश चपलोत के अनुसार आग पर नियंत्रण के लिए नगरपालिका ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।


यहां तो फायर स्टेशन ही अनाथ

दमकल तो मिली, अनुभवी कर्मचारियों की कमी

कानोड़ . वल्लभनगर तहसील क्षेत्र में भींडर व कानोड़ नगर पालिका को सरकार ने दो दमकल दे रखी है लेकिन अनुभवी कर्मचारी नहीं हैं। दोनों नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इन वाहनों को चला रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं होने से आग पर नियंत्रण पाने के दौरान उनकी जान खतरे में रहती है। भीण्डर के गुलाब सिंह शक्तावत राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय व कानोड़ के राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधनों की कमी है। भीण्डर सीएचसी के जननी सुरक्षा वार्ड में कोई उपकरण नहीं था। बच्चों के वार्ड में लगा उपकरण अपर्याप्त है।

कानोड़ चिकित्सालय के जननी सुरक्षा वार्ड में पूर्व में शार्ट शर्किट से जले उपकरण भी दीवार पर साफ दिख रहे हैं। भीण्डर व कानोड़ में दो दर्जन से अधिक कोचिंग व शैक्षणिक केन्द्र संचालित हैं, जहां कोई फायर फाइटिंग उपकरण नहीं हैं।

भीण्डर व कानोड़ चिकित्सालय में आग बुझाने के लिए कुछ उपकरण हैं, जो पर्याप्त नहीं है। अग्निकांड की दशा में पानी के अलावा कोई अन्य संसाधन नहीं है। सरकार के समक्ष उपकरण की मांग रखी जाएगी। - डॉ. महेन्द्र कुमार लौहार, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी-भीण्डर

कानोड़ नगर में ऐसी इमारतों को चिह्नित करेंगे जिनमें फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है। जहां सिस्टम लगा है उनकी भी जांच करेंगे। - कुदंन देथा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका कानोड़

सलूंबर में नाकारा पड़ा दमकल वाहन
सलूंबर. नगरपालिका क्षेत्र में अग्निकांड होने पर उस पर तत्काल काबू पाने के लिए सरकार ने तीन हजार लीटर क्षमता वाला दमकल तो उपलब्ध करवा दिया लेकिन वह नाकारा पड़ा है। जुलाई 2018 से दमकल वाहन पालिका परिसर में ही खड़ा है। दमकल के लिए चालक एवं ऑपरेटर नहीं होने के कारण इसका उपयोग नहीं किया जा
सकता है।


सरकार ने दमकल तो दे दी लेकिन इसको संभालने वाला ऑपरेटर व चालक नहीं दिया। इसके बारे में कई बार लिख भी दिया। अब संविदा पर कार्मिक रखने की फाइल चलाई है, स्वीकृति का इंतजार है।
- राजेश्वरी शर्मा, चेयरमैन नगर पालिका सलूंबर

(file photo)

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