जंगलों में वनकर्मी दिखेंगे फायरमैन की तरह

पहली बार राजस्थान के 19 जिलों के जंगलों में आग बुझाने के उपकरण की खरीद की तैयारी, आपदा विभाग से मिला बजट, अब तक फायर लाइन के ही भरोसे था जंगल

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 03 Mar 2021, 03:15 PM IST

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. जंगलों में बरसों से आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वन विभाग में पहली बार फायर उपकरण खरीदें जा रहे है। प्रदेश के 19 जिलों में आग बुझाने के उपकरण खरीदे जाएंगे जिससे जंगलों में आग लगने पर वन विभाग का स्टाफ भी फायरनमैन की तरह पूरे उपकरण के साथ लैस होकर जाएगा। वन विभाग अब तक जंगलों में आग से मुकाबले के लिए सिर्फ फायर लाइन बनाता आया है और उसके लिए भी बजट सीमिति आता था।
प्रदेश में सरकार के आपदा विभाग ने जंगलों में आग पर नियंत्रण को लेकर वन विभाग को बजट दिया जिससे वन विभाग ने प्रदेश में सर्वाधिक आग की घटना वाले इलाकों को चिन्ह्ति कर उसमें बजट दिया है। पहले चरण में 19 जिलों को लिया गया है। इसमें एक वन मंडल को करीब 15 से 18 लाख रुपए तक का बजट मिला है। आपदा विभाग ने 19 जिलों के लिए करीब 267 लाख रुपए का बजट दिया गया है। बात उदयपुर संभाग की करें तो यहा सभी वन मंडलों को बजट दिया गया है, मुख्य वन संरक्षक आर.के. सिंह बताते है ये उपकरण खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

ये सब होंगे वनकर्मियों के पास
फायर सेफ्टी शूज, हेलमेट, फायर सेफ्टी दस्ताने, हेड लेम्पस वाले हेलमेट, हेलमेट, जैकेट, फॉस्ट एड किट, टॉर्च, पानी की बोतल,
फायर पम्प, एयर पम्प, वाटर टैंकर विथ कम्प्रेशर सहित करीब 30 प्रकार के उपकरण है जिनको खरीदा जाएगा।

अब तक ऐसे बुझाते आग
1. जंगलों में आग के लिए अब तक देसी अंदाज में ही प्रयास किया जाता आया है। सबसे पहले तो उस क्षेत्र के ग्रामीण व वनकर्मी पेड़ों की टहनियां तोडकऱ झाडू बनाते और उससे आग को पीट कर बुझाया जाता है।
2. दमकल भी मौके पर पहुंच जाती है लेकिन वह जिस जगह आग लगती है वह घना जंगल व पहाड़ी इलाका होने से वहां तक नहीं पहुंच सकती है।
3. वन विभाग हर साल फायर लाइन के लिए बजट देता है लेकिन वह भी बहुत कम और कभी-कभी ही आता है। फायर लाइन काटने से आग को आगे बढऩे से रोका जाता है लेकिन पर्याप्त बजट के अभाव में सब जगह फायर लाइन नहीं काटी जाती है।


यहां दिया फायर उपकरण का बजट

वन क्षेत्र... कुल रेंज
माउंट आबू... 03
ताल छापर... 01
सिरोही... 04
राजसमंद वन्यजीव... 10
बारां... 10
प्रतापगढ़... 06
चित्तौडगढ़़ वन्यजीव... 04
झालावाड़... 06
उदयपुर वन्यजीव... 06
एमएनपी कोटा... 06
धोलपुर... 06
उदयपुर... 9
बांसवाड़ा... 6
कोटा वन्यजीव... 05
आरटीपी सवाई माधोपुर... 07
सरिस्का... 05
चित्तौडगढ़़... 08
जालौर... 04
आरटीपी करौली... 04
कुल... 110


इनका कहना है..

आपदा विभाग से बार जंगलों में आग पर नियंत्रण को लेकर बजट दिया गया है। उसके तहत 19 जिलों की 110 रेंज में बजट दिया गया है। इसमें आग बुझाने को लेकर उपकरण खरीदे जाएंगे।

- उदय शंकर, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन संरक्षण)

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