वन विभाग की पहल...तेंदूपत्ता संग्रह से पहले विभाग ने श्रमिकों के बढ़ाए दाम

वन विभाग की पहल...तेंदूपत्ता संग्रह से पहले विभाग ने श्रमिकों के बढ़ाए दाम

Mukesh Hingar | Publish: Dec, 05 2017 09:16:35 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

-मेवाड़ के जंगलों से संग्रहित होने वाले तेंदूपत्ता की मानक दर में बढ़ोतरी की गई है। बीड़ी बनाने के काम आने वाली इस उपज से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए

उदयपुर . मेवाड़ के जंगलों से संग्रहित होने वाले तेंदूपत्ता की मानक दर में बढ़ोतरी की गई है। बीड़ी बनाने के काम आने वाली इस उपज से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। नए वर्ष में खुलने वाली निविदा से पूर्व वन विभाग ने सोमवार मानक दर में बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी।

 

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तेंदूपत्ता सलाहकार समिति की वन भवन में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में हुई बैठक में मानक दर को लेकर चर्चा की गई। तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले आदिवासियों को वर्तमान में 850 रुपए प्रति मानक बोरा दिए जाते हैं जिसे बढ़ाने पर जोर दिया गया। समिति ने इस दर को 900 रुपए प्रति मानक बोरा करने का सर्वसम्मति से निर्णय किया। समिति में गोगुंदा विधायक प्रतापलाल भी शामिल थे, बैठक में सभी उप वन संरक्षक मौजूद थे।

 

 

शहरी क्षेत्र में भी वनाधिकारी पत्र जारी करें : अग्रवाल
उदयपुर . वन अधिकार कानून के तहत पात्र लोगों को वनाधिकार पत्र जारी करने का कार्य शहरी क्षेत्र में भी तेजी से किया जाए। यह बात जिले के प्रभारी एवं उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सोमवार को कलक्ट्रेट में महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने विभागीय कार्यों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि वन भूमि से निकलने वाली सडक़ों की स्वीकृति के मामले शीघ्र निस्तारित करें। उन्होंने आमजन से जुड़े कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए।

 

प्रभारी सचिव ने सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का समय पर निस्तारण करने एवं नियमानुसार उनके सत्यापन की कार्रवाई करने को भी कहा। डॉ. अग्रवाल ने ग्रामीण गौरव पथ के शेष कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने तथा क्षतिग्रस्त सडक़ों के मरम्मत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुभाषचन्द्र शर्मा व सीआर देवासी (प्रशासन), जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविचल चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग आदि मौजूद थे।

अमलदरामद पर भी हुआ चिंतन
बैठक में वन विभाग ने अपनी जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में स्वयं के नाम करवाने के लिए अमलदराम प्रक्रिया को तेजी से निपटाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) अक्षय सिंह ने सभी डीएफओ से कहा कि वे अपने जिले में राजस्व विभाग के साथ बैठकर वन विभाग की जमीन अपने नाम रिकार्ड में चढ़ाने का कार्य कराए। उल्लेखनीय है कि संभाग के कई जिलों में गजट में अधिसूचित वन भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाने से कई स्थानों पर भूमि संबंधी विवाद उत्पन्न हो गए हैं, कई मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं।

 

इनका कहना है...
तेंदपूत्ता सलाहकार समिति की बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण करने वालों के लिए जो दर थी उसे बढ़ाने पर विचार किया और उसी के तहत समिति ने प्रति मानक बोरा दर 900 रुपए की, हमने अमलदरामद के मामलों को भी शीघ्रता से निपटाने को कहा है।

 

-अक्षय सिंह, सीसीएफ

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