वनाधिकार के खारिज दावों की फाइलें फिर खोली, सरकार का दावा - इसी महीने अधिकार पत्र देने प्रयास

वनाधिकार के खारिज दावों की फाइलें फिर खोली, सरकार का दावा -  इसी महीने अधिकार पत्र देने प्रयास

Bhagwati Teli | Updated: 12 Jun 2019, 03:04:43 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

प्रदेश में 37,352 दावे खारिज हुए थे
20 जून तक चलेगा अभियान
सरकार का दावा- इसी महीने अधिकार पत्र देने का प्रयास

उदयपुर. वन अधिकार पत्र के लिए आवेदन करने वाले आदिवासियों के प्रदेश में 37,352 दावे निरस्त करने के मामले में सरकार ने फिर से उनकी फाइलें देखने का अभियान शुरू किया है, जो 20 जून तक चलेगा। प्रदेश के 16 जिलों में विशेष शिविरों व ग्राम सभाओं में इन खारिज दावों की पुन: जांच की जा रही है। जनजाति विभाग के आयुक्त ने सभी कलक्टरों को इस कार्य को प्राथमिकत से करने के निर्देश दिए है।
राज्य में वन भूमियों पर परम्परागत रूप से काबिज आदिवासियों की ओर से वनाधिकार पट्टे के लिए पूर्व में किए गए आवेदन पत्रों को खारिज करने के बाद सुप्रीम कोर्ट व राज्य सरकार के निर्देश पर पुन: समीक्षा हो रही है। प्रदेश के सोलह जिलों में विशेष शिविरों व ग्राम सभाओं में आवेदन पत्रों के साथ दस्तावेजों को इन दिनों खंगाला जा रहा है।

समीक्षा का यह अभियान 20 जून तक चलेगा। उसके बाद उपखण्ड स्तरीय व बाद में जिला स्तरीय समिति वनाधिकार पत्र देने पर अंतिम मुहर लगाएगी। प्रदेश में 37,352 वनाधिकार पत्र के दावे निरस्त कर दिए थे। उन्हीं खारिज दावों पर फिर से जांच की जा रही है। जांच में पट्टे योग्य पाए जाने पर प्रकरण उपखण्ड व जिला स्तरीय समिति को भेजा जाना है औश्र वहीं से पट्टे जारी होगें। प्रदेश में उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही, बारां, सवाईमाधोपुर जिले में सर्वाधिक दावे खारिज हुए है।


आदिवासी बहुल संभाग में सभी पात्र लोगों को वनाधिकार पट्टे देने की कवायद ग्रामसभाओं व अन्य गठित समितियों में चल रही है और इसमें प्रक्रिया के तहत काम चल रहा है। कोशिश की जा रही है कि इस माह के अंत तक पात्र को पट्टे दे दिए जाएं और जिनके आवेदन खारिज होंगे उनको अपील करने का पूरा समय देकर सुना जाएगा।
-भवानी सिंह देथा, आयुक्त (जनजाति)

 

इधर, ग्रामसभा में पहुंची कलक्टर हुई नाराज
इधर, मंगलवार को जिला कलक्टर आनंदी शहर के समीप काया पंचायत मुख्यालय पर वनाधिकार पट्टों को लेकर चल रही ग्राम सभा में पहुंची और संवाद किया। वनाधिकार पट्टों के कार्य में वन विभाग के कर्मचारियों एवं पटवारी की उदासीनता को देख कलक्टर नाराज हुई और तुरंत ही लंबित प्रकरणों की पत्रावली तैयार कर ग्राम सभा में रखने और उन्हें अग्रेषित करने के निर्देश दिए।


प्रदेश में वनाधिकार मामले एक नजर में
कुल प्राप्त दावे 76714
वनाधिकार पत्र जारी 39256
निरस्त दावे 37352
कुल निर्णित दावे 76608
जारी अधिकार पत्रों की संख्या 39256
जारी अधिकार पत्रों का कुल क्षेत्रफल 28106.016 हेक्टेयर
जारी व्यक्तिगत अधिकार पत्रों की संख्या 38915
जारी व्यक्तिगत अधिकार पत्रों का क्षेत्रफल 23716.536 हेक्टेयर
सामुदायिक अधिकार पत्र बांटे : 341
दिए सामुदायिक अधिकार पत्रों का क्षेत्रफल 4389.48 हेक्टेयर
प्रक्रियाधीन लम्बित दावों की संख्या 106
दावे निरस्त होने के यह रहे कारण
13 दिसम्बर 2005 से पूर्व के कब्जे का साक्ष्य प्रमाणित नहीं हुआ
वन भूमि पर कब्जा नहीं मिला
एक से अधिक ने जताया दावा
वन भूमि पर निर्भरता प्रमाणित नहीं हुई
सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारी होना
मौके पर विवाद की स्थिति
वन अधिकार कानून की शर्ते पूर्ण नहीं करना
निर्धारित दिनांक पर वन भूमि पर सतत कब्जा नहीं होना
कई जगह पर वन विभाग की भूमि नहीं होना

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