उदयपुर में गली में बनी चार मंजिला बिल्डिंग सीज, व्यावसायिक उपयोग के लिए किया था शुरू

उदयपुर में गली में बनी  चार मंजिला बिल्डिंग सीज, व्यावसायिक उपयोग के लिए किया था शुरू

Bhagwati Teli | Updated: 12 Jun 2019, 04:26:18 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर के नागानगरी की घटना, नगर निगम ने की कार्रवाई

उदयपुर. शहर के चांदपोल क्षेत्र स्थित नागानगरी की गली में खड़ी की चार मंजिला अवैध बिल्डिंग को मंगलवार को नगर निगम ने सीज कर दिया। वहां होटल के स्वरूप में बनाई बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गई थी। निगम ने वहां पहले भी कार्रवाई की थी लेकिन निर्माणकर्ता ने फिर निर्माण शुरू कर दिया था।

निगम की टीम, अम्बामाता पुलिस व अपने सुरक्षाकर्मी साथ लेकर नागानगरी पहुंची जहां बिल्डिंग को सीज करने की कार्रवाई की। टीम ने वहां बाबू खान के नाम से नोटिस भी चस्पा करते हुए बिल्डिंग को तीन महीने के लिए सीज कर दिया। निगम के आयुक्त अंकित कुमार सिंह ने बताया कि झील निर्माण निषिद्ध क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृति के वहां पर निर्माण कर दिया गया था। निर्माणकर्ता ने वर्ष 1974 की भूतल सहित दो मंजिला बिल्डिंग की स्वीकृति बताई लेकिन निगम के पास से वर्तमान में कोई स्वीकृति नहीं ली। पूरा निर्माण तोडक़र नए सिरे से किया गया। कार्रवाई में निगम से राजस्व निरीक्षक राहुल मीणा व मोहित अग्निहोत्री शामिल थे।

पहले पंक्चर किया, लेकिन माना नहीं
आयुक्त ने बताया कि बाबू खान नामक व्यक्ति को 23 फरवरी, 8 मार्च व 5 मई 2018 को नोटिस जारी किया। इसमें बिना स्वीकृति निर्माण नहीं करने और जो निर्माण किया उसे अपने स्तर पर हटाने के लिए बोला। बाद में निगम ने 3 जुलाई, 2018 को कार्रवाई कर बिल्डिंग को पंक्चर किया।
बाद में जांच में सामने आया कि जिस स्थान को पंक्चर किया वहां फिर से निर्माण कर भवन का व्यावसायिक उपयोग बिना भू उपयोग परिवर्तन किए शुरू कर दिया। इसके बाद निगम ने 31 जनवरी व 8 फरवरी 2019 को फिर नोटिस दिया और उसकी पालना निर्माणकर्ता ने
नहीं की।

 

पायड़ा में 100 फीट सडक़ सीमा में निर्माण
उदयपुर. शहर के विश्वविद्यालय मार्ग पर पायड़ा में भूखंड संख्या 444 पर नगर निगम की निर्माण स्वीकृति के विपरीत 100 फीट सडक़ सीमा में भवन निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने जिला कलक्टर व नगर निगम को इसकी शिकायत की। जिला कलक्टर आनंदी ने नगर निगम आयुक्त को भी पत्र भेजकर बताया कि निगम की भवन शाखा की ओर से भवन अनुमति 232/2017-18 में जो स्वीकृति दी, उसमें 100 फीट की सडक़ की चौड़ाई में कोई निर्माण नहीं करने की शर्त अंकित की, लेकिन मौके पर शिकायतकर्ता बता रहा है कि सडक़ पर निर्माण किया जा रहा है। इस बीच कलक्टर कोर्ट ने मौके पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करने व यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned