झूठ के पहियों पर दौड़ रहा उदयपुर, शहर में आबादी से ज्यादा चार पहिया वाहन, पढ़े पूरी कहानी

झूठ के पहियों पर दौड़ रहा उदयपुर, शहर में आबादी से ज्यादा चार पहिया वाहन, पढ़े पूरी कहानी

Madhulika Singh | Publish: Jun, 05 2019 02:27:10 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

फोर व्हीलर की चाह में बोल रहे झूठ
परिवहन विभाग दनादन पंजीयन कर काट रहा चांदी
80 फीसदी वाहनों की पार्किंग सडक़ पर

उदयपुर . शहर में आबादी से ज्यादा चार पहिया वाहन दौड़ रहे हैं। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड में यह आंकड़ा करीब तीन लाख ही है, लेकिन अन्य जिलों एवं राज्यों में पंजीकृत एवं अवधिपार के बाद पुन: पंजीकृत वाहनों को जोड़ते हुए चारपहिया वाहनों को आंकड़ा पांच लाख के पार है। इनमें से 80 फीसदी से अधिक वाहन नियम विरुद्ध सडक़ों पर पार्क हो रहे हैं।
दिखावे की होड़ के चलते शहर में हर तीसरे परिवार के पास कार व लग्जरी गाड़ी है। हालत यह हो गई कि इन गाडिय़ों के मुकाबले में सडक़ें छोटी पड़ गई है। व्यस्त मार्गों एवं चौराहों पर दिन में बीसियों बार जाम लगने से शहरवासी परेशान है। घरों में इन्हें पार्क करने की जगह नहीं होने से सडक़ें ही पार्किंग स्पेस बन गई। शहरवासी अब भी झूठी कसमें खाते हुए परिवहन विभाग को शपथ पत्र दे रहे हैं। इनमें स्पष्ट लिखा है कि उनके पास पर्याप्त पार्किंग स्थल है और वाहन को सडक़ पर नहीं खड़ा करेंगे। इस झूठ को जानते हुए परिवहन विभाग भी दनादन रजिस्ट्रेशन कर चांदी काटने में जुटा है।

हाइकोर्ट आदेश की उड़ रही धज्जियां
हाइकोर्ट के सख्त आदेश हैं कि बिना पार्किंग स्थल के चारपहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाए। इसकी पालना के लिए परिवहन विभाग वाहन मालिक से संबंधित कागजों के साथ पार्किंग स्थल संबंधित शपथ पत्र लेता है, लेकिन कभी भी मौके की तस्दीक नहीं होती। शपथ पत्र झूठा देने के बावजूद विभाग ने संबंधित के खिलाफ कभी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।

 

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केस-1 : बीमा कंपनी ने क्लेम देने से खड़े कर दिए हाथ

पोलोग्राउंड क्षेत्र में घर के बाहर से एक कार चोरी होने पर बीमा कंपनी ने क्लेम देने के लिए मना कर दिया। कंपनी का कहना था कि घर के बाहर वाहन पार्क करने पर सुरक्षा की जिम्मेदारी आपकी है। घर के अंदर से अगर वाहन चोरी होता है तब ही वह उसका भुगतान करते हैं। बीमा कंपनी के हाथ खड़ा करते ही कार मालिक ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया तथा क्लेम के लिए न्यायालय में वाद दायर करना पड़ा।


केस-2 : पार्किंग नहीं होने से बढ़ गई दूरियां

घंटाघर क्षेत्र में कार को खड़ा करने को लेकर पड़ोसियों में विवाद हो गया।
झगड़े के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस ने समझाइश के बाद कार मालिक को आसींद की हवेली में पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा करने के लिए पाबंद किया।


जिले इतने वाहन व रजिस्टे्रशन
दुपहिया वाहन- करीब 5 लाख
चारपहिया वाहन - करीब 3 लाख
सडक़ों पर दौड़ रहे- करीब 5 लाख चारपहिया वाहन

प्रशासन भी करे पार्किंग व्यवस्था
धारा 127 एमवी में एक्ट में प्रावधान है कि पुलिस सडक़ पर खड़े वाहनों को जब्त कर सकती है। कई बार हाइकोर्ट ने भी आदेश दिए पार्किंग के बाहर खड़े होने वाले वाहनों को जब्त करो। पुलिस एक्ट में भी चालान का प्रावधान है। पुलिस व परिवहन विभाग वाहनों को जब्त करती है तो उन्हें झूठे शपथ पत्र पेश करने वालों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करनी चाहिए। लोग स्वयं आगे चलकर विभाग को सूचना दे कि हमारे पास पार्र्किंग स्थल नहीं है तो सरकार व प्रशासन ऐसे लोगों के लिए किराए की पार्र्किंग की व्यवस्था करेगी। - पराग अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता

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