उदयपुर के सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में योग्यता दरकिनार कर चयन करने के मामले में आया नया मोड़, संदिग्ध परीक्षार्थियों के साथ होगा ऐसा

Jyoti Jain

Publish: Jun, 14 2018 01:31:10 PM (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
उदयपुर के सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में योग्यता दरकिनार कर चयन करने के मामले में आया नया मोड़, संदिग्ध परीक्षार्थियों के साथ होगा ऐसा

उदयपुर . आरोप लगाया कि ग्रुप डिस्कशन में इतिहास का अभ्यर्थी होने के बावजूद समाजशास्त्र का टॉपिक दिया गया।

भुवनेश पण्ड्या / उदयपुर . किस तरह किसी पात्र और मेधावी व्यक्ति को चयन पंक्ति से बाहर कर उसकी जगह किसी और को बिठाया जाए, वह कोई सुखाडिय़ा विवि के जिम्मेदारों से सीखे। अब इतिहास विषय के एक अभ्यर्थी ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती को लेकर चयन समिति के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई है। अभ्यर्थी की योग्यता को दरकिनार कर उससे कम योग्यता वाले को यह कुर्सी सौंप दी गई। इतिहास विषय में नेट, स्लेट उत्तीर्ण और पीएचडी कर चुके गोविन्दसिंह सोलंकी ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए उसका साक्षात्कार 6 जून को लिया गया था। एक अन्य महिला अभ्यर्थी से वह योग्यता में काफी बेहतर थे।


ग्रुप डिस्कशन समाज शास्त्र का विषय
सोलंकी ने आरोप लगाया कि ग्रुप डिस्कशन में इतिहास का अभ्यर्थी होने के बावजूद समाजशास्त्र का टॉपिक दिया गया। साथ ही चयनित अभ्यर्थी कैलाश गुर्जर व मनीष श्रीमाली में से कैलाश ने ग्रुप डिस्कशन के दौरान कुलपति जेपी शर्मा के विषय बोलने से पहले ही उस पर विस्तार से समूह चर्चा शुरू कर दी। कोई अभ्यर्थी बिना किसी विषय को पूरा सुने कैसे अपनी बात रख सकता है, यह संदेह है कि उसे पहले से ही विषय की जानकारी थी।


इतिहास में थे दो पद
इतिहास विषय में दो पद थे, जिनमें एक सामान्य वर्ग व एक ओबीसी का था। इसके लिए दोनो वर्गो में 10-10 अभ्यर्थी को बुलाया गया था।


जो अभ्यर्थी चयन से चूकता है, वह इस तरह की शिकायतों पर ध्यान देगा। किसी भी विषय के अभ्यर्थी को किसी भी विषय पर चर्चा के लिए कहा जा सकता है।
एचएस भाटी, रजिस्ट्रार, सुखाडिय़ा विवि उदयपुर


जेट प्री पीजी परीक्षा 2018

उदयपुर. जेट प्री पीजी परीक्षा-2018 में फर्जीवाड़े का आरोप लगने के बाद महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने संदिग्ध परीक्षार्थियों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। 134 संदिग्ध परीक्षार्थियों को दसवीं से लेकर अब तक के सभी दस्तावेजों के साथ विवि में तलब किया गया था जिसमें से 25 परीक्षार्थी ने बुधवार को विवि को अपने दस्तावेज सुपुर्द किए।


संदिग्ध परीक्षार्थियों में वे शामिल हैं, जो अपने संकाय के इतर विषय में परीक्षा क्वालीफाई कर गए। परीक्षा संयोजक केबी शुक्ला ने बताया कि परीक्षार्थियों के दस्तावेजों को जांचा जा रहा है। हस्ताक्षर लेने के साथ ही इनका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है।


यह कार्य कुलपति की ओर से बनाई गई कमेटी कर रही है। दस्तावेजों की जांच के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बुलाए गए इनमें से अगर कोई परीक्षार्थी निश्चित समय सीमा में कमेटी के समक्ष उपस्थित नहीं होता है तो उसका प्रवेश रोक दिया जाएगा।

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