बेटे का फर्ज निभाते हुए बेटी ने मां की अर्थी को दिया कंधा

http://www.patrika.com/rajasthan-news

By: Krishna

Published: 15 Nov 2018, 06:29 PM IST

मधुलिका सिंह/उदयपुर . एक मां ने बेटी के लिए जब बाप फर्ज निभाया तो उसने भी अंतिम समय तक मां का साथ दिया। बेटा बनकर उसकी अंतिम इच्छानुसार मुखाग्नि देकर अपना कर्तव्य पूरा किया। बेटी भावना जोशी आज मां लीला बाई को याद कर रूआंसी हो उठती है।बोहरा गणेशजी क्षेत्र में रहने वाली भावना ने बताया कि मां ने उन परिस्थितियों में पाला, जब उसका साथ देने के लिए कोई तैयार नहीं था। कभी मजदूरी की तो कभी पूडिय़ां बेली। जैसे-तैसे पाल-पोस कर उसे बड़ा किया। भावना ने बताया कि जब से आंख खोली, तब से मां को ही सामने पाया। पिता ने दूसरी शादी कर ली थी तो उनका फर्ज मां ने ही निभाया। पिता ने कभी पलट कर देखा तक नहीं कि पत्नी और बेटी किस हाल में जी रहे हैं जबकि वे आर्थिक रूप से सक्षम थे। भावना ने बताया कि मां ने खुद के पैरों पर खड़ा होने के काबिल बनाया और शादी करवाई। आज वह सिलाई का काम करती है और पति टेंट व्यवसायी है। वह कहती है कि आज वह जो कुछ है, मां की बदौलत है। अब जब मां को उनकी जरूरत थी तो उन्होंने भी पूरा फर्ज निभाया। कुछ दिनों पूर्व जब मां ने आखिरी सांस ली तो उनकी अंतिम इच्छा पूरी करते हुए उन्हें न केवल बेटे का फर्ज निभाते हुए उनकी अर्थी को कंधा दिया बल्कि मुखाग्नि भी दी

 

 

READ MORE : बलात्कार करने वाले चपरासी को न्यायालय ने सुनाई ये कठोर सजा

 

Krishna Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned