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उदयपुर

नि:शुल्क रोग निदान शिविर या गरीबों से ठगी का खेल!

game of thugs from the poor महंगी दवा व जांचों के नाम पर चिकित्सक कर रहे गुमराह

उदयपुरJul 22, 2019 / 01:49 am

Sushil Kumar Singh

udaipur

नि:शुल्क रोग निदान शिविर या गरीबों से ठगी का खेल!

उदयपुर/ गोगुंदा. game of thugs from the poor गोगुंदा उपखण्ड मुख्यालय पर नि:शुल्क रोग निदान व परामर्श शिविर ( Free diagnosis and Counseling camp ) की आड़ में रविवार को गरीबों की जेबें काटने का खेल चलता रहा। बाद में जब, लोगों को हकीकत का पता चला तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। नि:शुल्क शिविर के नाम पर महिला रोग विशेषज्ञ व हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओर से परामर्श के बदले महंगी दवाइयों ( drugs ) की खरीदी के लिए विवश करने के आरोप लगे। इस बीच में स्थानीय क्लीनिक संचालक और एक स्थानीय युवक के आपस में उलझने की बात थाने तक भी पहुंची, लेकिन शाम तक मामले को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में प्राथमिकी ( Fir ) दर्ज नहीं कराई गई।
हुआ यूं कि स्थानीय क्लीनिक संचालक ( Clinical director ) की ओर से नि:शुल्क चिकित्सा शिविर के नाम से कई दिनों से प्रचार जारी था। नि:शुल्क की लालच में ग्रामीण शिविर में जा पहुंचे। वहां बहुत से लोगों ने शिविर की शुरुआत में रोग विशेषज्ञों की सलाह पर महंगी दवाइयां खरीद ली। कुछ लोगों को गंभीर बीमारी का अंदेशा जताते हुए स्थान विशेष की लैब से जांच कराने के लिए पाबंद किया गया। इस बीच में दोपहर को पहुंचे कुछ लोगों ने चिकित्सकों की महंगी दवाइयों और जांचों का विरोध किया। साथ ही विशेषज्ञों की ओर से परामर्श शुल्क वसूलने का आरोप लगाते हुए हंगामा ( ruckus ) खड़ा कर दिया।
शिविर के बहाने गोरखधंधा!
कस्बे में कई निजी क्लीनिक और लैब संचालित हैं। मरीजों की कम संख्या और बेगारी के बीच कुछ संचालकों की ओर से अक्सर नि:शुल्क परामर्श चिकित्सा शिविर के बहाने ग्रामीणों को शिविर तक आने की लालच दी जाती है। परामर्श के नाम पर चेहरा देखकर मरीज से शुल्क लिया जाता है। फिर सेवाएं देने वाले चिकित्सक आयोजक के इशारे पर ग्रामीणों को महंगी दवा और जांच के लिए प्रेरित करते हैं।
इधर, खास बात सामने आई कि रविवार को आयोजित शिविर को लेकर चिकित्सा विभाग उदयपुर की ओर से किसी तरह की अनुमति नहीं दी गई थी। शिविर में शामिल ग्रामीण वीरेंद्र तेली, रतनलाल तेली व अन्य ने आरोप लगाया कि नि:शुल्क शिविर में दवाइयों व जांच के नाम पर गरीब लोगों से मनमानी वसूली की जा रही थी।
नहीं दी शिविर की स्वीकृति
पहले तो गोगुंदा में किसी तरह का चिकित्सा शिविर लगाने की अनुमति विभाग स्तर पर नहीं दी गई। परामर्श के नाम पर महंगी दवाइयां और जांचें लिखने की शिकायतें मिली हैं। शिविर संबंधित शिकायतों की जांच को लेकर क्लीनिक संचालक की डिग्री और अन्य जांचों को लेकर कमेटी बनाई है। game of thugs from the poor गड़बड़ी पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर

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