हर घर में गूंजा गणपति बप्पा मोर्या, मोदक-लड्डुओं का चढ़ा भोग

श्रद्धा से मनाई गणेश चतुर्थी, बारिश ने बढ़ाया उत्साह, मंदिरों में हुआ विशेष शृंगार व आरती

By: madhulika singh

Updated: 11 Sep 2021, 11:38 PM IST

उदयपुर. दस दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ गणेश चतुर्थी के साथ शुक्रवार को हो गया। विघ्नहर्ता को पूरे सम्मान के साथ लोग घरों में ले गए और उन्हें शृंगारित कर विराजित किया। उनकी पूजा-अर्चना की और गणपति बप्पा मोर्या के जयकारे लगाए गए। शहर के गणेश मंदिरों में इस अवसर पर गणपति प्रतिमाओं का विशेष शृंगार हुआ और मंदिरों को भी सजाया गया। हालांकि इस बार भी कोरोना के कारण भक्तों की भीड़ मंदिरों में नहीं उमड़ी। लेकिन, श्रद्धालुओं ने घरों से ही बप्पा से कोरोना महामारी का विघ्न हरने की प्रार्थना की।

बोहरा गणेशजी को धराई स्वर्ण आंगी, भक्तों ने बाहर से देखा लाइव नजारा
शहर के दूधतलाई स्थित पाला गणेशजी, चांदपोल स्थित जाड़ा गणेशजी, हाथीपोल स्थित मावा गणेशजी, मल्लातलाई स्थित दूधिया गणेशजी, हाथीपोल खटीकवाड़ा में पंचमुखी गणेश जी आदि गणेश मंदिरों में गणपति की विशेष आंगी की गई। उनकी आरती कर भोग चढ़ाया गया। शहर के प्रसिद्ध बोहरा गणेशजी मंदिर में सुबह 5.15 बजे गणपतिजी का अभिषेक हुआ और फिर आरती की गई। इसके बाद स्वर्ण आंगी का शृंगार धराया गया। दोपहर में हवन व ध्वजारोहण के बाद शृंगार आरती की गई। फिर शाम 7.15 बजे संध्या आरती हुई। इसके अलावा चतुर्थी को लेकर तैयारियां व साज-सजावट की गई।


श्रद्धालु उत्साह से ले गए घरों में

शहर में विभिन्न मोहल्लों व गणपति मंडलों की ओर से हर वर्ष गणपति को बैठाया जाता है और 10 दिन आरती-पूजा का क्रम रहता है। कोरोना के कारण पिछले साल से सांकेतिक पूजन हो रहा है। ऐसे में लोग 10 दिनों तक घरों में ही गणपति बैठाकर पूजा-अर्चना करते हैं। शुक्रवार को भी बारिश तेज होने पर भी भक्त गणपति लेने पहुंचे। गणपति की प्रतिमाएं लेकर पूरे उत्साह के साथ घर पहुंचे और शुभ मुहूर्त में विराजित कर पूजा-अर्चना की। साथ ही बप्पा को मोदक-मोतीचूर के लड्डुओं का भोग धराया गया। इस मौके पर अधिकतर घरों में दाल-बाटी-चूरमा बना।

महाकाल में पारम्परिक रूप से मनाया गणशोत्सव
सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर महाकालेश्वर में पारम्परिक गणेश महोत्सव मनाया। प्रन्यास के सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि संक्षिप्त रूप से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई, जो अनंत चतुदर्शी तक चलेगी। इस दरम्यान प्रति दिन भगवान गणेश का विशेष शृंगार पूजा-अर्चना की जाएगी। महोत्सव के सुनील भट्ट ने बताया कि अनंत चतुर्दशी को भगवान को रजत पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर में घुमाया जाएगा। इसके बाद सभामण्डप में महाआरती की जाएगी। तेजशंकर पालीवाल, चन्द्रवीर सिंह राठौड़, यतीन्द्र दाधीच, गोपाल लोहार, शंकर कुमावत आदि उपस्थित रहे।


भक्तिधाम में पंचामृत अभिषेक

प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि भक्तिधाम में आकर्षक फूल सज्जा की गई। यहां स्थित रिद्धि सिद्धि विनायक मंदिर में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने दर्शन किए। सुबह गणपति जी की 108 नामावली एवं अथर्व शीष का पाठ लक्ष्मण डांगी एवं दुगधाभिषेक एवं पंचामृत अभिषेक हिम्मत गर्ग ने किया। गणपति के 11 किलो लड्डू का भोग भी धराया गया और प्रसाद बांटा गया।

madhulika singh Reporting
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