उदयपुर में घर-घर गूंजने लगे गणगौर के गीत, कन्याएं सिर पर ला रही सेवरे

गणगौर पर्व के तहत सुहागिन महिलाओं व बालिकाओं ने ईसर-पार्वती और कानूड़े की पूजा शुरू कर दी

By: madhulika singh

Published: 06 Apr 2021, 06:20 PM IST

उदयपुर. ‘गोर गोर गोमती, ईसर पूजे पार्वती...’ जैसे गीत घरों में गूंजने लगे हैं। गणगौर पर्व के तहत सुहागिन महिलाओं व बालिकाओं ने ईसर-पार्वती और कानूड़े की पूजा शुरू कर दी है। सोमवार को भी छोटी कन्याएं सेवरे लेकर आईं। रास्ते में होली थड़े पर भी पूजा-अर्चना की। पूजा कर घूमर करते हुए गणगौर के गीत गाए। इससे पहले शीतला अष्टमी व सप्तमी पर मोती चौहट्टा क्षेत्र से महिलाएं गणगौर-ईसर व कानूड़े की प्रतिमाएं घर ले गई थीं

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मेवाड़ एकमात्र स्थान है, जहां ईसरजी के साथ कानूड़े (बाल भाव में श्रीकृष्ण) की भी पूजा की जाती है। इस बार गणगौर 15 अप्रेल को है। इसके बाद चैत्र शुक्ल षष्ठी को गणगौर को विसर्जित किया जाएगा। इससे पहले चैत्र शुक्ल तृतीया को गुलाबी, फिर पीली और अगले दिन हरी गणगौर का पर्व मनाया जाएगा। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए मेवाड़ महोत्सव नहीं होगा और महिलाएं भी कम संख्या में ही गणगौर घाट पहुंचेंगी और पूजा-अर्चना करेंगी। इसके साथ ही 16 दिवसीय पर्व की धूम थम जाएगी।

madhulika singh Reporting
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