इस कारण से दूर दराज के मेहमान पक्षी खिंचे चले आते हैं यहां...अभी देख सकते हैं इनकी अठखेलियां

भटेवर तालाब पेंटेड स्ट्रोक, ब्लेक हेडेड आईबिस, ब्लेक विंगड स्टील्स, कोरमोनेंट के सहित कई पक्षीयों से गुलजार

By: madhulika singh

Updated: 02 Mar 2019, 07:50 PM IST

हेमन्त गगन आमेटा/उदयपुर. जिले के विभिन्न जलाशय इन दिनों प्रवासी पक्षियों के लिए पसंदीदा ठिकाने बने हुए हैंं। जिसमें उदयपुर जिले से करीब 40 किमी दूर भटेवर स्थित आमलिया तालाब विभिन्न प्रजातियों के मेहमान पक्षीयो की विभिन्न प्रजातियों से गुलजार हो रहा है । वहींं देशी पक्षि‍यों ने भी तालाब के सौन्दर्य को चार चांद लगा दिए हैंं। भटेवर के आमलिया तालाब पर भरपूर मात्रा में पानी रहने से दूर दराज के मेहमान पक्षियों को यहां खींंच लाता है। तालाब पर छिछले पानी में शिकार आसानी से मिलने को लेकर प्रवासी पक्षियों की तादाद और भी बढ़ गई है।

वर्तमान में भटेवर तालाब पर हजारो की संख्या में प्रवासी पक्षी अपना डेरा डाले हुए हैंं जो तालाब की आबोहवा को खुशनुमा बना रहे हैंं। आमलिया तालाब पर देशी प्रजातियों के पक्षियों की संख्या भी बडे तादाद में देखने को मिल रही है। तालाब पर शांत वातावरण, पसंदीदा भोजन व प्रजनन हजारों किलोमीटर दूर से पक्षियों को यहां खींच लाता है। आमलिया तालाब पर कई ऐसी प्रजातियां सामने आई जो शायद पहले यहां नहीं पहुंची ऐसे में यह परिणाम सामने आया है कि भटेवर उदयपुर जिले के मध्य में होने से सम्पूर्ण सुख सुविधाएंं उपलब्ध हैंं ऐसे में मेनार की तर्ज पर भटेवर को भी बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित किया जाए तो यह इलाका मानचित्र में अपना एक अलग स्थान बना सकता है।

इन पक्षि‍योंं की प्रजातियों से इन दिनोंं आबाद है आमलिया तालाब:

पेंटेड स्ट्रोक:- भटेवर के आमलिया तालाब पर पहली बार आए इस पक्षी को हिन्दी में वित्रित सारस के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम माइक्टेरिया लीकोसेफला है पिछले कुछ दिनो से इनकी जनसंख्या में कमी आई है यह भारतीय उपमहाद्वीप में हिमालय के दक्षिण में उष्णकटिबंधीय एशिया के मैदानी इलाकों में पाया जाता है और दक्षिण पूर्व एशिया में फैला हुआ है। वयस्कों के विशिष्ट गुलाबी तृतीयक पंख उन्हें अपना नाम देते हैं। यह नदियों, झीलों, जलाशयों के साथ उथले पानी में झुंड बनाकर रहते हैंं।

लिटिल कोरमोरेंट: इन जलीय पक्षियों की लगभग 40 प्रजातियों का एक परिवार है, जिसे आमतौर पर कॉर्मोरेंट और शग के रूप में जाना जाता है। परिवार कर कई प्रजातियो का अलग-अलग वर्गीकरण हाल ही में प्रस्तावित किए गए हैं। महान कॉर्मोरेंट (पी कार्बो) और सामान्य शैग (पी अरस्टोटेलिस) आमतौर पर ब्रिटिश द्वीपों पर पाए जाने वाले परिवार की केवल दो प्रजातियां हैं। इनका रंग काला होता है व इसकी चोंच केसरिया रंग की होकर आकर्षित करती है।

इनकी भी तालाब पर भरमार: आमलिया तालाब पर पेलिकन हवासील, ग्रेटर फलेंमिंगो, ब्लेक हेडेड आइबिस, कॉमन पोचार्ड, गोल्डन पोचार्ड, ब्लेक विंग्ड स्टील सहीत कई विभिन्न प्रजातियों का जमावडा लगा हुआ है जो की सुबह शाम तालाब के सौन्दर्य को चार चांद लगा रहें है तालाब में पानी की भरपूर मात्रा होने के साथ भोजन की अत्यधिक भरमार की वजह से यह पक्षी झुंडोंं में तालाब पर दिखाई दे रहे हैैं।

madhulika singh Reporting
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