कोरोनाकाल में शिक्षकों का सम्मान करना नहीं भूूली बालिकाएंं

कुछ बालिकाएं अपने शिक्षकों के प्रति अपने सम्मान को अभिव्यक्त करने मास्क पहनकर विद्यालय पहुंंच ही गई

By: madhulika singh

Updated: 07 Sep 2020, 10:21 PM IST

उमेश मेनार‍िया/मेनार. कोरोना काल में शिष्यों द्वारा अपने गुरुजनों के सम्मान करने की परंपरा सिर्फ सांकेतिक बनकर रह गई लेकिन इसके बावजूद भी कुछ बालिकाएं अपने शिक्षकों के प्रति अपने सम्मान को अभिव्यक्त करने मास्क पहनकर विद्यालय पहुंंच ही गई । गौरतलब है कि इस सत्र में विद्यालय तो खुले हैं जिनमें शिक्षक प्रतिदिन अपनी उपस्थति दे रहे हैंं लेकिन सिर्फ इक्के दुक्के विद्यार्थी ही प्रवेश के लिए या पुस्तकों के लिए आ रहे थे । लेकिन राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय मेनार में इसके विपरीत नजारा दिखा । रोजाना की तरह शिक्षक स्कूल पहुंंचे थे कि थोड़ी देर बाद बालिकाएं मास्क पहनकर शिक्षकों का सम्मान करने पहुंंची। प्रधानाध्यापक प्रद्मुम्न नंदन व्यास ने बताया कि कोरोना की महामारी को देखते हुए विद्यालय की सभी बालिकाओं के प्रतिनिधित्व के रूप में 3 4 बालिकाओंं ने गुरूओं का सम्मान किया। विद्यालय के शारीरिक शिक्षक देवीलाल मेनारिया ने बताया कि‍ इस अवसर पर समस्त स्टाफ ने डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया वह सभी ने इस अवसर पर एक-एक पौधा रोपण किया। इस दौरान वरिष्ठ अध्यापिका शीला आमेटा , मोहनलाल गांछा, कंचन मेनारिया, नमिता भट्ट, संगीता भानावत, बीना शर्मा, प्रमिला आमेटा, जया पुर्बिया, पवन कुमार जांगिड़ आदि उपस्थित थे ।

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