इस प्रेम के आगे भगवान को भी बदलने पड़ते हैं नियम

इस प्रेम के आगे भगवान को भी बदलने पड़ते हैं नियम

Sushil Kumar Singh Chauhan | Publish: Jan, 15 2019 12:37:14 AM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

रुक्मणि विवाह और सुदामा चरित्र से पूर्णाहुति

उदयपुर. हिरण मगरी सेक्टर ५ प्रभात नगर में चल रही भागवत कथा का सोमवार को सातवें दिन रुक्मणि विवाह व सुदामा चरित्र प्रसंग के साथ समापन हुआ। व्यास पीठ से धर्मप्रेमियों को संबोधित करते हुए पुष्कर दास महाराज ने कहा कि जीवन में संयोग और वियोग का जोड़ा है। दोनों संतुलित ही गति का परिचायक है। कथा में भगवान कृष्ण के इंद्रप्रस्थ से विदाई के करुण प्रसंगों का वर्णन करते हुए द्वारका गमन के प्रसंगों को प्रवचनों से सुनकर धर्मप्रेमी भावुक हो गए। सुदामा का चरित्र बताते हुए महाराज ने कहा कि सच्चा मित्र याचक नहीं होता, लेकिन परमात्मा अपने सखाओं को संकट में नहीं रहने देता। इस मौके पर महाराज ने गोपी गीत, उद्धव चरित्र, रुक्मणि, सुदामा व परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाकर स्पष्ट किया कि भगवान प्रेम के वशीभूत हैं। वह प्रेम भक्ति के आगे सभी नियम बदल सकते हैं। कथा में बतौर अतिथि पूर्व महापौर रवींद्र श्रीमाली और पार्षद सीमा साहू ने उपस्थिति दर्ज कराई। मंगलवार को सत्यनाराण भगवान की कथा होगी।

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