सरकार करेगी शिक्षकों की पौन करोड़ की ‘गोठ’

सरकार करेगी शिक्षकों की पौन करोड़ की ‘गोठ’

Krishna Kumar Tanwar | Publish: Sep, 02 2018 06:51:13 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 06:54:35 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

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भुवनेश पंड्या.उदयपुर.प्रदेश में शिक्षक दिवस पर सरकार शिक्षकों को पौन करोड़ के फूड पैकेट बांटेगी। पांच सितम्बर को राज्य स्तर पर होने वाले वृहद शिक्षक दिवस सम्मान समारोह में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों को सुबह के भोजन का पैकेट उपलब्ध करवाया जाएगा। इसे लेकर सरकार ने हर जिले में शिक्षकों की संख्या मांगी थी। इसमें राज्य के सभी जिलों से माध्यमिक के 34,001 और प्रारंभिक के 28159 शिक्षक कार्यक्रम में शामिल होना दर्शाया गया है।

 

माध्यमिक के अधिक, प्रारंभिक के कम
माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल के अनुसार माध्यमिक सेटअप के 34001 शिक्षकों के लिए 40 लाख 80 हजार 120 रुपए और प्रारंभिक शिक्षा के 28159 शिक्षकों पर 33 लाख 79 हजार 80 रुपए जारी किए गए हैं। कुल राशि 74 लाख 59 हजार 200 रुपए खर्च किए जाएंगे।

 

संभागीय मुख्यालय पर शिक्षकों की संख्या व खर्च

सेटअप...शिक्षक...खर्च
उदयपुर

माध्यमिक : 1673..200760
प्रारंभिक : 2004..240480

जयपुर
माध्यमिक : 1283...153960

प्रारंभिक : 980...117600
जोधपुर

माध्यमिक : 1777...213240
प्रारंभिक : 2100...252000

अजमेर
माध्यमिक : 1068...128160

प्रारंभिक : 646...77520
कोटा

माध्यमिक : 374...44880
प्रारंभिक : 479...57480

बीकानेर
माध्यमिक : 1154...138480

प्रारंभिक : 1170...140400
भरतपुर

माध्यमिक : 1081...129720
प्रारंभिक: 1077..129240

इस बार 50 हजार शिक्षकों का कार्यक्रम जयपुर में हो रहा है। हर जिले से शिक्षक बुलाए हैं। 2013 के बाद में जो शिक्षक नियुक्त हुए हैं, उन्हें भेजा जा रहा है। विकलांग, विधवा और परित्यक्ता को छूट दी गई है, उनका जाना अनिवार्य नहीं है।

युगलकिशोर दाधीच, उपनिदेशक माध्यमिक उदयपुर

 

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विद्यापीठ - कला एवं साहित्य की आत्मनिर्भरता, सहअस्तित्व पर संगोष्ठी


विद्यापीठ के संघटक श्रमजीवी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग में संस्कृत सप्ताह के तहत् आयोजित कला एवं साहित्य की आत्मनिर्भरता, सह अस्तित्व पर एक दिवसीय संगोष्ठी में शुक्रवार को मुख्य वक्ता प्रो. श्रीनिवासन् अय्यर ने कहा की कला एवं साहित्य का बहुत ही गहरा संबंध होता है, विभिन्न कलाओं को उदाहरण देते हुए मोर्य काल खजुराहों के चित्रों के माध्यम से उन्होंने कालिदास आदि कवियों की नायिकाओं का होना बताया। संस्कृत साहित्य के मम्मट और विश्वनाथ आदि कवियों के काव्य प्रयोजन को उदृधत किया साथ ही विभिन्न चित्रों के माध्यम से यह बताया की कला एवं साहित्य में ब्यूटी तो है साथ ही ड्यूटी अर्थात् व अनेक संदेशों को देती है। कलाओं में चित्रकला ऐसी कला है जो हर जगह काम आती है।

 

 

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