अब विद्यार्थी और शहरवासी गीता से सीखेंगे जीवन प्रबंधन, योग से बनेंगे स्वस्थ

अब विद्यार्थी और शहरवासी गीता से सीखेंगे जीवन प्रबंधन, योग से बनेंगे स्वस्थ

सुखाडि़या और विद्यापीठ विवि में खुलेंगे वेल्यू एडिशन और हैप्पीनेस सेंटर

मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय और राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में नए सत्र से वेल्यू एडिशन और हैप्पीनेस सेंटर शुरू किए जाएंगे जिन पर  विद्यार्थियों और शहरवासियों को जीवन प्रबंधन की शिक्षा देने के लिए श्रीमद भगवद् गीता का अध्ययन करवाया जाएगा। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए योग और ध्यान का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। 



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गीता से विद्यार्थी नैतिक शिक्षा एवं आत्म अनुशाासन सीख सकेंगे। योग और ध्यान विद्यार्थियों को तनावग्रस्त होने से बचाएगा और  उनकी एकाग्रता में वृद्धि करेगा।  योग, ध्यान और गीता के महत्व पर प्रकाश के लिए दूसरे विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों के विशेष व्याख्यान भी होंगे। गीता, योग और ध्यान का समन्वय  विद्यार्थियों को खुश, स्वस्थ बनाएगा। 


ऐसे होगा सेंटर का संचालन 

सेंटर पर संस्कृत विभाग के शिक्षक विद्यार्थियों को गीता पढ़ाएंगे। योग विभाग के कर्मचारी विभिन्न प्राणायामों व आसानों का अभ्यास कराएंगे। ध्यान के प्रशिक्षण में दर्शन शास्त्र के शिक्षक भी सहयोग करेंगे। सेंटर्स शुरू करने के  पीछे दोनों विश्वविद्यालयों की मंशा है कि विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। प्रतिस्पद्र्धा के युग में विद्यार्थी अवसाद मुक्त रखे  जा सकें। दो महीने पूर्व सुखाडि़या विश्वविद्यालय ने अभिवृद्धि केंद्र शुरू करने की पहल की थी। अब राजस्थान विद्यापीठ ने भी इस नवाचार को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। 



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वेल्यू एडिशन और हैप्पीनेस सेंटर जुलाई से शुरू हो जाएगा। विद्यार्थियों के साथ शहरवासी भी सेंटर  का लाभ उठा सकेंगे। योग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, वहीं गीता के उपदेश विद्यार्थियों को नैतिक रूप से समृद्ध करेंगे।  योग और ध्यान से अवसाद से भी बच सकेंगे। 

प्रो. जेपी. शर्मा,  कुलपति सुखाडि़या विश्वविद्यालय

गीता का शाश्वत ज्ञान किसी धर्म विशेष के लिए ही नहीं मानव मात्र के लिए उपयोगी है। गीता में निहित ज्ञान पूर्णत: वैज्ञानिक है। वर्तमान में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।  योगाभ्यास कर विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक स्वस्थ बन सकें इसके लिए जल्दी सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। 

प्रो. एसएस. सारंगदेवोत, कुलपति राजस्थान विद्यापीठ 

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