scriptHappiness came out of the fist like sand, four innocent people were le | Human angle news मुट्ठी से रेत की तरह निकल गया सुख, मुंह ताकते रह गए चार मासूम | Patrika News

Human angle news मुट्ठी से रेत की तरह निकल गया सुख, मुंह ताकते रह गए चार मासूम

खेलने की उम्र में चार मासूमों पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता की मौत हो गई, मां नाते चली गई, बच्चों का जीवन संकट में, तंगहाली मेें स्कूल छूटा, भरण पोषण भी पड़ोसियों के भरोसे

उदयपुर

Published: January 10, 2022 11:44:38 pm

जावर माइंस (उदयपुर). खिलखिलाने की उम्र में चेहरे पर मायूसी लिए बचपन पेट की आग बुझाने वाले की राह देख रहा है। नटखटपन भूलकर पथराई आंखें अनायास ही डबडबा जाती है, जब मां, पिता और बड़ी बहन की याद आ जाती है। जिन्हें खुद को संभालने की समझ नहीं, वे पिता की मौत के बारह दिन गुजार रहे हैं। सिर से अपनों का साया ऐसा उठा कि गुनगुनी धूप चुभने लगी और चांदनी रात भी डराने लगी। आगे क्या होगा, किसी को पता नहीं।
ये दिल दहला देने वाली दास्तान है चार मासूमों की। महज 5 से 9 साल की उम्र के चार मासूमों पर दुखों का पहाड़ ऐसा टूटा कि, हालात जानकर हर कोई रुंआसा हो गया। चारों मासूम उदयपुर जिले के देवुपरा सराड़ा के भेड़ाई फला के रहने वाले हैं। रीना ९ साल की है, वहीं सुनील ८, राहुल ७ और काली महज ५ की उम्र की है। मां बीमार पति को छोड़कर नाते चली गई। बच्चे पिता और बड़ी बहन के भरोसे समय काट रहे थे कि तकलीफों की बाढ़ सी आ गई। बड़ी बहन 13 वर्षीय गुड्डी को गुजरे हुए एक महीना ही हुआ था कि 31 दिसम्बर को पिता का भी निधन हो गया। अनाथ हुए बच्चों का अब कोई पालनहार नहीं। पिता की मौत से पहले ही मां नाते चली गई।
यों बढ़ती गई तकलीफें
परिवार का मुखिया रामलाल मीणा सात साल पहले सोप स्टोन फैक्ट्री में काम करता था। टीबी का मरीज होते ही नौकरी नहीं रही। स्थिति देख पत्नी बीमार पति और पांच बच्चों को छोड़कर नाते चली गई। पिता जैसे-तैसे मजदूरी कर पांचों बच्चों का पालन पोषण कर रहा था। इस बीच १० दिसम्बर को अचानक बीमार होकर बड़ी लड़की गुड्डी की मौत हो गई। बच्चे तकलीफ से उबरे भी नहीं थे कि ३१ दिसंबर को पिता रामलाल भी चल बसे। अब चारों मासूमों की जिंदगी पर संकट आ गया। ऐसी स्थिति में बच्चों का स्कूल भी छूट गया। बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे तो शिक्षक अर्जुनलाल और रमेशकुमार मीणा कारण जानने घर पहुंचे। वे घर के हालात देख दंग रह गए। घर में ना राशन था ना और कुछ सामान। बच्चे पिता की मौत के बारह दिन काट रहे थे।
बिना मदद के कैसे होगा गुजारा
वार्ड पंच भैरूलाल ने बताया कि बच्चे खाद्य सुरक्षा से मिलने वाले अनाज से रोटी का बंदोबस्त कर रहे हैं। कभी रोटी नहीं होने पर पड़ोसी खाना दे रहे हैं। वार्डपंच और अध्यापकों ने घर के हालात देखकर कुछ राशन व रुपए मदद के तौर पर दिए। बिना मदद के बच्चों का पालन पोषण हो पाना संभव नहीं।
Happiness came out of the fist like sand, four innocent people were left staring at their faces
मुट्ठी से रेत की तरह निकल गया सुख, मुंह ताकते रह गए चार मासूम

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीजब हनीमून पर ताहिरा का ब्रेस्ट मिल्क पी गए थे आयुष्मान खुराना, बताया था पौष्टिकIndian Railways : अब ट्रेन में यात्रा करना मुश्किल, रेलवे ने जारी की नयी गाइडलाइन, ज़रूर पढ़ें ये नियमधन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, देखें क्या आप भी हैं इनमें शामिलइन 4 राशि की लड़कियों के सबसे ज्यादा दीवाने माने जाते हैं लड़के, पति के दिल पर करती हैं राजशेखावाटी सहित राजस्थान के 12 जिलों में होगी बरसातदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगयदि ये रत्न कर जाए सूट तो 30 दिनों के अंदर दिखा देता है अपना कमाल, इन राशियों के लिए सबसे शुभ

बड़ी खबरें

देश में वैक्‍सीनेशन की रफ्तार हुई और तेज, आंकड़ा पहुंचा 160 करोड़ के पारपाकिस्तान के लाहौर में जोरदार बम धमाका, तीन की नौत, कई घायलजम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी जहांगीर नाइकू आया गिरफ्त मेंCovid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे के भीतर आए कोरोना के 12306 नए मामले, संक्रमण दर पहुंचा 21.48%घर खरीदारों को बड़ा झटका, साल 2022 में 30% बढ़ेंगे मकान-फ्लैट के दाम, जानिए क्या है वजहचुनावी तैयारी में भाजपा: पीएम मोदी 25 को पेज समिति सदस्यों में भरेंगे जोशखाताधारकों के अधूरे पतों ने डाक विभाग को उलझायाकोरोना महामारी का कहर गुजरात में अब एक्टिव मरीज एक लाख के पार, कुल केस 1000000 से अधिक
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.