ऑनलाइन बिक रहे हाइटेक चोरी के सामान

ऑनलाइन फ्रॉड

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. चंद मिनट कम्प्यूटर के सामने बैठ एक से एक ऑनलाइन फ्रॉड के तरीके सीखना लोगों को कम्प्यूटर सैंधमार चूना पोत रहे हैं। सोशल मीडिया की कई साइट्स बकायदा वीडियो के जरिए न केवल हाइटेक चोरी के तरीके सिखा रही हैं, बल्कि कई साइट्स पर ऐसे सामान बिक रहे हैंं जिनसे ये चोरी करना और सरल हो गया है। उदयपुर में कई ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैंं, जिससे एटीएम क्लोनिंग कर पैसा निकालना व गूगल सर्च कर जुटाए नम्बरों पर कॉल करने के बाद जेब को झटके लगे हैं।

केस--
निजी स्कूल की शिक्षिका मोहिनी सैनी ने गली में एक जख्मी श्वान की मदद के लिए गूगल पर सर्च कर एनिमल एड हेल्पलाइन के नम्बर लिए। उस पर फोन करने पर एक टॉल फ्री (7735845107/8435756221) नम्बर था। इस पर कॉल किया तो उन्होंने एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए भेजा। इसमें नाम, नम्बर व यूपीआई पिन दर्ज करना था, लेकिन पिताजी के मना करने के बाद पिन नहीं देकर फोन काट दिया। इसके बाद भी इसका शुल्क दस रुपए तो कटा ही साथ ही उनके अकाउन्ट से 29 जनवरी को 46 हजार 300 रुपए निकाल लिए गए। उन्होंने सवीना थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। फोन करने पर उन्हें बताया गया था कि उनकी ओर से एनिमल डॉक्टर आ जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सैनी ने बताया कि बैंक भी इसमें सहयोग नहीं कर रहा। एसबीआई गोवद्र्धन विलास शाखा में भी पैसा नहीं लौटने के लिए कहा जा रहा है।

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केस

- खेरवाड़ा क्षेत्र के ककनवाड़ा के मगनलाल पटेल के खाते से कुछ दिनों पहले 1 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए गए। बेटे रवि पटेल ने बताया 6 से 8 फरवरी के बीच उन्होंने खेरवाड़ा थाने में भी शिकायत दी थी। एफआईआर नहीं लिखी। एटीएम कार्ड क्लोनिंग के जरिए ये पैसा निकाला गया था। इसकी हमने बैंक में शिकायत दी तो बैंक का कहना है कि करीब 3 माह बाद संभव है कि पैसा मिल जाए।
केस-

पांच फरवरी को कोटा के मानमल शृंगी के खाते से भी 50 हजार रुपए निकाल लिए गए थे। विभिन्न शिकायतों के बाद शृंगी के खाते में ये पैसा लौटाया गया। बेटे गौरव शृंगी ने बताया कि कुछ दिनों पहले राहुल शर्मा नाम के किसी व्यक्ति का फोन आया और उसने एटीएम अपडेट करने की बात कही। इसके बाद उसे पिता ने एटीएम और सीवीवी नम्बर बता दिया। फिर शर्मा ने उनसे कहा कि नम्बर बताने के बाद उनके फोन पर जो संदेश आएगा उसे डिलिट कर देना। इस पर उन्होंने मैसेज डिलिट कर दिया। बाद में पता चला कि जिसने फ्र ॅाड किया था उसने सेफ गोल्ड इलेक्ट्रोनिक लॉकर से सोना खरीद कर रखा था, जिसे 24 घंटे बाद ही बेच सकते हैं। ऐस में आईडी से जितने ट्रांजेक्शन हुए उसे फ्रीज किया गया। साढ़े चार लाख रुपए फ्रीज करवाए गए।
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ये है चोरी के सामान की दुकान
ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर इन दिनों ऐसे सामानों की बिक्री हो रही है जिससे चोरी करना आसान हो गया है, इनमें स्कीमर व ब्लैंक एटीएम कार्ड शामिल है। लोग स्कीमर का उपयोग एटीएम मशीन में उस जगह लगाकर करते हैं, जहां हम एटीएम कार्ड लगाते हैं, बाद में इसे निकालकर कम्प्यूटर के जरिए पूरा का पूरा एटीएम क्लॉन तैयार कर लिया जाता है। इसके अलावा ऐसे कैमरे बिक रहे हैं जिसे पैसा निकालने वाले एटीएम में जहां पिन नम्बर डालते हैं उसके ऊपर लगाकर नम्बर ले लिया जाता है, ताकि ब्लैंक कार्ड में इसे इस्तेमाल किया जा सके। इसमें कैमरा, चिप सभी साधन ऑनलाइन आसानी से होम डिलिवरी हो इस तरीके से खरीदे जा रहे हैं।

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लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड
लगातार ऑनलाइन फ्र ॉड बढ़ रहे हैं। कई शॉपिंग साइट्स पर ऐसे सामान मिल रहे हैं जिसे खरीदकर एटीएम क्लॉन बनाया जा सके । इसके साथ ही सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर बकायदा कैसे-कैसे पैसा निकाला जा सकता है, इसके डेमो वीडियो तक दिए गए है, तो कई तरीके भी बताए गए हैं। उदयपुर में पिछले वर्ष से लेकर अब तक करीब 250 से 300 मामले हमारे पास ही आ चुके हैं।

श्याम चंदेल, सायबर एक्सपर्ट, उदयपुर

bhuvanesh pandya Reporting
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