गेंहू, जीरे और इसबगोल की फसल में भारी नुकसान

किसानों की मेहनत पर फिर पानी

उदयपुर। बारिश से खेतों में चना गेहूं व इस बगोल की खेतों में पकी फसलें भीग गई। आसपास के क्षेत्रों में सुबह से तेज गर्मी का असर दिखा, दोपहर 3 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए। बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई, जो करीब आधे घटे तक हुई। इसके बार रुक-रुककर बारिश का दौर शाम 4 बजे तक चलता रहा। बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया। खेतो में हवा चलने से फ सलें भी आड़ी पड़ गई। काटी हुई फ सलें बारिश से भीग गई। इन दिनों क्षेत्र में फ सलों की कटाई चल रही है। हवा चलने से आडीसडक चौराये पर एक होटल के बाहर बना लकड़ी का छपरा नीचे गिर गया। लांकडाउन के कारण होटल पर कोई नहीं होने से से हादसा टल गया। आसपास के धोलीमगंरी, मागंथला, माणकावास, नूरडा, पीपरौली, सरडिया, ढाणा, खाम की मादड़ी, वीरधोलिया, रख्यावल गावों में बारिश हुई।
मेनार. बेमौसम की बरसात से किसानों के खेतों में खड़ी इसबगोल और गेहूं सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया हैं। किसानों के चेहरों पर फसलें खराब होने से मायूसी छा गई हैं। साथ ही किसान बारिश से नष्ट हुई फसलों के लिए मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रभर में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। पहले से ही कोरोना संक्रमण के चलते मजदूर नही मिल रहे है। अब जब खेतो में फसल पक कर तैयार हो चुकी है और कटाई कर गेंहू की पुलिया इकट्ठा की जा रही है। शाम सवा 4 बजते ही अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई। ऐसे में तेज हवाओ के साथ बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बरसात से किसानों के खेतों में खड़ी इसबगोल और गेहूं सहित जीरा अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बारिश का मौसम देख किसान तिरपाल लेकर कटी हुई फसल ढकने खेतो पर पहुंचे और फसलो को ढकने का असफल प्रयास किया। मेनार के किसान अम्बालाल कानावत, कन्हैयालाल ठाकरोत, विजय लाल एकलिंग दासोत आदि किसानों ने बताया कि खेत में खड़ी इसबगोल की फसल पूरी तरह से पक चुकी थी। इसी दौरान हुई बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि बरसात होने से गेंहू एव जीरे के दाने का रंग दोनों प्रभावित होगा। भींडर के मुख्य ब्लॉक कृषि अधिकारी मदनसिंह शक्तावत ने बताया कि वल्लभनगर क्षेत्र में बारिश की सूचना मिली है। बेमौसम बारिश से खेतो में पकी हुई फसल गीली हो रही है । जो फसल कट चुकी है उसका दाना सफेद हो सकता है। गेंहू सहित अन्य फसलो में नुकसान का अंदेशा है। मावली(निप्र). मावली कस्बे सहित क्षेत्रभर में बुधवार को अपरान्ह करीब साढे 3 बजे अचानक मौसम ने करवट ली तथा ठण्ड़ी हवाओं के साथ रिमझिम बारिश शुरू हुई। इससे पूर्व दोपहर से ही आकाश में बरसाती बादल छा रहे। कस्बे सहित क्षेत्रभर में कमोवेश 15 से 20 मिनिट तक रिमझिम बारिश हुई। इधर, बारिश से मौसम सुहावना हो गया। तो वहीं क्षेत्रभर के धरतीपुत्रों के चेहरे मुरझा गए। बारिश आते ही सभी धरतीपुत्र अपने-अपने खेतों की ओर दौैड़ते नजर आए। बता दें, इन दिनों कई गांवों के खेतों में धरतीपुत्रों द्वारा फसल की कटाई जारी है।
फतहनगर. बुधवार को दोपहर बारिश हुई। करीबन पन्द्रह मिनिट तक तेज व धीमी बूदाबांदी का दोर चलता रहा। बारिश के चलते किसानों की परेशानियां बढ़ गई।
बाठेरडा खुर्द. कस्बे सहित क्षेत्र में आसपास के सभी गांवो में बुधवार सुबह से ही दिन भर कभी धूप तो कभी छांव की स्थिति बनी रही दोपहर 3 बजे तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश शुरू हुई। इससे किसानों की फसलें भीग गई। किसानों को एक तरफ कोरोना का खौफ तो दूसरी तरफ बारिश भी फसलें चौपट कर गई। किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है। वाना. दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली एवं आकश बादलों से ढक गया। शाम चार बजे तेज हवाओं साथ बारिश हुई। वाना एवं आसपास बरोडिया, खडोदा, अगोरिया, मेनपुरिया आदि गावों में पन्द्रह से बीस मिनट तेज हवा के साथ बारशि हुई । बारिश से खेतों में चना गेहूं व इसबगोल की फसलों में नुसकान हुआ।

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surendra rao Desk
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