scriptillegal mining on arawali hills | पहाडिय़ों को छलनी कर भूमाफिया बिगाड़ रहे प्राकृतिक तंत्र | Patrika News

पहाडिय़ों को छलनी कर भूमाफिया बिगाड़ रहे प्राकृतिक तंत्र

locationउदयपुरPublished: Feb 01, 2024 06:10:44 pm

उदयसागर को बचा लो ... उदयसागर व्यू, क्रिकेट स्टेडियम व हाइवे के कारण भू व्यवसाइयों की नजर

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उदयपुर . शासन प्रशासन सोता रहा और भूमाफिया ने उदयसागर के आसपास के पांच गांवों की खातेदारी पहाडिय़ों को खरीदकर बुलडोजर चलाने की तैयारियां कर ली। लकड़वास गांव में सात पहाडिय़ां छलनी करने के बाद जब पत्रिका टीम उदयसागर के निकटवर्ती गांवों में पहुंची तो पता चला कि लकड़वास, कानपुर खेड़ा व पनवाड़ी की खातेदारी पहाडिय़ां औने-पौने दामों में बिक गई। इन्हें कई बड़े होटल समूह, भू-व्यवसायी व उद्यमियों ने खरीद लिया। यहां उनके स्थानीय दलाल पंचायतों में घुसपैठ पर इन पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रहे हैं।
इधर, जिम्मेदार अफसर कार्रवाई को टालते हुए एक दूसरे का सीमाक्षेत्र बताकर सख्ती नहीं दिखा रहे। अब तक किसी के विरुद्ध थाने में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। ग्रामीण अगर अब भी नहीं जागे तो उदयसागर के आसपास के गांवों में रईसों का कब्जा होगा। पहाडिय़ां छलनी होते ही प्राकृतिक संतुलन के साथ ही सौंदर्य बिगड़ेगा। खेतीहर जमीनों को भारी नुकसान होगा। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 30 जनवरी के अंक में Òउदयसागर झील के आसपास की पहाडिय़ां छलनी, दिखावे के लिए पांच फीट की एन्ट्री, अंदर बन रहे 200 फीट के रास्तेÓ 31 जनवरी के अंक में Òहाैसले इतने बुलंद कि तीन बार नोटिस के बावजूद भूमाफिया ने कर दिया पहाडिय़ों को नेस्तनाबूदÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए। खबरें प्रकाशन के बाद तीसरे दिन बुधवार को भी जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल के निर्देश पर गिर्वा क्षेत्र की टीमें मौके पर पहुंची।
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पहाड़ी कटिंग पर करोड़ों खर्च, सरकारी पेनल्टी नाकुछ
लकड़वास में पहाडिय़ों की कटिंग के बाद मौके पर पहुंची माइनिंग विभाग की टीम ने खुदाई को अवैध माना और फौरी कार्रवाई करते हुए महज 4.48 लाख की पेनल्टी लगाई, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं करवाया। पहाड़ी के तहस नहस होने के बावजूद वे पेनल्टी तक सीमित रहे। पहाड़ छिन्न भिन्न होने पर भी प्रशासन ने जमीन की खातेदारी निरस्त नहीं की। इधर, भूमाफिया से जुड़े लोगों का कहना है कि एक पहाड़ी की कटिंग व भराव खाली करने पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। शहर के चारों ओर ऐसी कई पहाडिय़ां कट रही है। छोटी-मोटी पेनल्टी से बड़े व्यवसायियों काे कोई फर्क नहीं पड़ता।
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राजस्व टीम पहुंची, मौके से सभी फरार
एसडीएम गिर्वा आइएएस रिया डाबी के निर्देशन में बुधवार को भी राजस्व विभाग की टीम लकड़वास की छलनी हुई पहाडिय़ों के मौका स्थल पर पहुंची। वहां भूमि दलाल से लेकर काम करने वाले कारीगर, चालक, जेसीबी व मशीनों सहित गायब मिले। अधिकारियों ने कहा कि मौके पर अभी काम रुका पड़ा है और संबंधित को नोटिस देकर तलब किया है।

पत्रिका में खबरों के बाद आगे आए ग्रामीण
ग्राम पंचायत लकड़वास में भूमाफिया द्वारा पहाडिय़ों को छलनी कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशन के बाद ग्रामीण जागे हैं। बुधवार को कई लोग उदयपुर पहुंचे। उन्होंने संभागीय आयुक्त व जिला कलक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में पहाडिय़ों की कटाई रोकने व खातेदारी निरस्त करने की मांग की।
  • अरावली की पहाडिय़ों को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है। हाइकोर्ट के भी सख्त आदेश हैं। अभी पहाडिय़ों को बचाने के लिए लगातार टीमों को भेजकर कार्रवाई करवाई जा रही है। पहाड़ों को छलनी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    - अरविंद पोसवाल, जिला कलक्टर

  • पूर्व में मटून माइंस में खनन से लोग परेशान थे। अब भूमाफिया लगातार पनवाड़ी, कमलोद, लकड़वास के आसपास की पहाडिय़ों को छलनी कर रहे हैं। इससे यहां प्राकृतिक तंत्र बिगड़ रहा है, ग्रामीणों के साथ वन्यजीव जंतु प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि पहाड़ों को छलनी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
    - लोकेश गमेती, सरपंच, मटून

  • उमरड़ा गांव में भूमाफिया रोज पहाड़ काट रहे हैं। पत्रिका की सजगता के कारण अभी कुछ दिनों के लिए काम रुका है, लेकिन हर थोड़े अंतराल में शुरू हो रहा है। प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज करवाए। अवैध रूप से खनन से लोग परेशान है और पहाड़ भी खत्म हो रहे हैं।
    भूरीबाई गमेती, सरपंच, कानपुर

  • उदयसागर के आसपास के क्षेत्र के लोग पहले ही दूषित पानी से परेशान हैं, अब अरावली को खत्म करके यहां और परेशानियां बढ़ाई जा रही है। भूमि दलाल अभी इस क्षेत्र में काफी सक्रिय हो गए। उन्होंने उदयसागर के आसपास के गांवों के समस्त पहाड़ों को खरीद लिया। पत्रिका सजग प्रहरी के रूप में काम कर रहा है।---गेहरीलाल डांगी, पूर्व वार्ड पंच कानपुर

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