इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन दे सकती है मरीजों को सांसें,

- उद्योग समूह आगे आए तो जूझते हॉस्पिटलों को मिलेगी संजीवनी

- नई कवायद शुरू
- दल पहुंचा था हिन्दुस्तान जिंक के दरीबा स्थित प्लान्ट पर

By: bhuvanesh pandya

Published: 17 Apr 2021, 11:08 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. बढ़ते कोरोना केस ने ऑक्सीजन की आपूर्ति कम और मांग बढ़ा दी है। सरकारी से लेकर निजी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की भयावह कमी है। हालात ऐसे है कि पलंग खाली होने के बाद भी मरीज को भर्ती करने से हॉस्पिटल हिचक रहे हैं, क्योंकि उनके पास जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन नहीं है। ऐसे में अब उद्योग आगे आए तो इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन से मरीजों को पूरी सांसें मिल सकती है। इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन को लेकर नई कवायद प्रशासन की ओर से जरूर शुरू की गई है। यदि ये कामयाब हो जाती है तो ऑक्सीजन की कमी दूर हो जाएगी।
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लिक्विड होती है ऑक्सीजन इसलिए प्लान्ट में डलेगी
- ऑक्सीजन की व्यवस्थाओं को देखने के लिए एडीएम सिटी अशोककुमार व एइएन एनएचएम गोपाल दशोरा हिन्दुस्तान जिंक के दरीबा प्लान्ट गए थे। उन्होंने यहां इस पर जांच कर स्थिति का जायजा लिया है।

- ये ऑक्सीजन सीधे सिलेंडर्स में नहीं भरी जा सकती है। इसका मुख्य कारण ये है कि ये लिक्विड प्लान्ट के माध्यम से ही मरीजों के उपचार में इस्तेमाल की जा सकती है। फिलहाल एमबी हॉस्पिटल में जो नया लिक्विड प्लान्ट लगाया गया है, यदि ये ऑक्सीजन समय पर वहां उपलब्ध हो जाती है तो जरूरत के आधार पर एमबी सहित अन्य हॉस्पिटलों को भी मिल सकती है।
- इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन मरीजों के लिए बेहतर साबित हो सकती है, क्योंकि ये करीब 97 से 98 प्रतिशत शुद्ध होती है।

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देश भर में आगे आ रहे है उद्योग समूह

देश भर में उद्योग समूह लोगों की जान बचाने के लिए आगे आ रहे हैं। भारत की स्टील निर्माता कंपनियां इसे मरीजों के लिए इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने लगी हैं। महाराष्ट्र, ओडिशा, दिल्ली व गुजरात में ऑक्सीजन की भारी कमी है। इसे लेकर जेएसडब्ल्यू चैयरमेन सज्जन जिंदल ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कंपनी के विजयनगर, डोलवी आर सलेम में ऑक्सीजन की यूनिट्स हैं। वहां से 180 से 400 मैट्रीक टन लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है। करीब 185 टन प्रतिदिन ऑक्सीजन डोलवी प्लान्ट से ही सप्लाई की जा रही है।
- रिलायंस ग्रुप की ओर से भी जामनगर रिफाइनरी से इसकी सप्लाई शुरू है।

इनका कहना है
हां, हिन्दुस्तान जिंक इन्डस्ट्रीयल ऑक्सीजन देने के लिए तैयार है, शुक्रवार को दल वहां दरीबा प्लान्ट पर गया था, टेंकर के जरिए यहां लाने की कवायद कर रहे है। लिक्विड इन्डस्ट्रीयल ऑक्सीजन करीब 98 प्रतिशत शुद्ध होती है। यहां टेंकर भरकर लाएंगे और एमबी के लिक्विड प्लान्ट में इसे भरकर मरीजों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे काफी कुछ सपोर्ट मिल जाएगा।

डॉ. लाखन पोसवाल, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर

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