बीमा कर्मी हड़ताल पर

काम काज ठप

By: bhuvanesh pandya

Updated: 26 Nov 2020, 10:11 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. उदयपुर मंडल की सभी शाखाओं के जीवन बीमा कर्मचारी गुरुवार को हड़ताल पर रहे, जिससे काम काज ठप रहा। विभिन्न मांगों को लेकर 10 केन्द्रीय श्रम संगठनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल की। देशभर के बीमा कर्मचारियों द्वारा ऑल इंडिया इन्श्योरेंस एम्पलॉइज एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल की गई। उदयपुर की समस्त शाखाओं के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मंडल अध्यक्ष एमएल सियाल, नॉदर्न जोन इन्श्योरेंस एम्पलॉइज एसोसिएशन के मंडल सचिव अनूप जैन ने संबोधित किया।
आज देशभर के बीमा कर्मचारियों द्वारा ऑल इंडिया इन्श्योरेंस एम्पलॉईज एशोसियेशन के आह्वान पर यह हड़ताल आयोजित की गई है।, उदयपुर की स्थानीय समस्त शाखाओं के तृतीय एवम् चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष कॉम एम.एल. सियाल द्वारा केंद्र सरकार से
"एल.आई.सी. के आई.पी.ओ. की योजना वापस लेने" "सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश व निजीकरण बंद करने" "एल.आई.सी. व सार्वजनिक बीमा संस्थानों में प्रगति व बेहतर कार्यनिष्पादन परिणामों के अनुकूल न्यायपूर्ण वेतनवृद्धि सुनिश्निचित करने", श्रम एवं किसान विरोधी कानून वापस लेने,नई पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने आदि मांगे शीघ्र मंजूर करने कि केंद्र सरकार से मांग की।
कॉमरेड सियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आम श्रमिकों के साथ भारतीय जीवन बीमा निगम व सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कम्पनियों में काम करने वाले देश के बीमा कर्मचारी आज इस देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में भागीदारी कर रहे हैं।
नॉर्दर्न जोन इन्श्योरेंस एम्पलॉईज एसोसियेशन के मंडल सचिव कॉमरेड अनूप जैन ने बताया कि नरेन्द्र मोदी की सरकार अर्थव्यवस्था और उसको सबल देनेवाले सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों को तबाह करने पर तुली है। भारतीय जीवनबीमा निगम देश में ही नहीं, विश्व के सेवा क्षेत्र व वित्तीय क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ संस्थान है। गत वर्ष तक उसने केन्द्र सरकार की मात्र 5 करोड़ रू. की पूंजी के बदले 26000 करोड़ रू. का लाभांश भुगतान किया है। 32 लाख करोड़ रूप्ये की सम्पदा का निर्माण किया है। इसने पालिसीधारकों के विश्वास को और पुख्ता करते हुए 30 लाख करोड़ रू. के निवेश सामाजिक कल्याणार्थ नियोजित ढांचे में किये हैं। पारदर्शिता बनाये रखते हुए हर तिमाही में इसके खाते सार्वजनिक होते हैं, जो कि आई.आर.डी.ए व संसद के समक्ष पेश होते हैं ,परन्तु केन्द्र सरकार बीमाधारकों के हित की परवाह किये बिना भारतीय जीवन बीमा निगम जो कि पूरी तरह से भारत सरकार का उपक्रम है, को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करके उसे भी निजीकरण की ओर धकेलने का दुष्प्रयास कर रही है। भाजपा नीत केन्द्र सरकार देश की आत्मनिर्भर भारत के नाम पर पाखंड ज्यादा कर रही क्योंकि वह अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे सार्वजनिक उपक्रमों को एक-एक कर अपने पूंजीयारों को लूटा रही है।
आत्मनिर्भर भारतज् का नारा देनेवाली सरकार ही इनकी बोली लगवा रही है। इसलिये देशभक्त कामगार अपना प्रभावी प्रतिरोध जताते हुए सरकार के देशविरोधी कृत्य का कड़ा प्रतिकार कर रहे हैं और बीमा कर्मचारी भी इसके साथ खड़े हैं ।सभा को मंडल उपाध्यक्ष कॉम महावीर जैन, मंडल सहसचिव कॉम महेश बदलानी ,कॉम जितेंद्र बोर्दिया कॉमरेड हेमंत सिसोदिया ने भी संबोधित किया। सभा समाप्ति के बाद श्रम संगठनों की समन्वय समिति , उदयपुर के तत्वाधान में अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश उदयपुर को ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया।

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