ये कबाड़ रद्दी के भाव बिकता लेकिन इसे बेशकीमती बना रहे हुनरमंद हाथ..

Madhulika Singh

Publish: Feb, 22 2019 02:04:57 PM (IST) | Updated: Feb, 22 2019 02:04:58 PM (IST)

Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India
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मधुलिका सिंह/उदयपुर. सुखाडिय़ा विवि के लॉ कॉलेज हॉस्टल में जो कबाड़ का ढेर लगा है, उसे देखकर वहां से गुजरने वाले मुंह फे र लेते हैं या फिर इतने कबाड़ को देखकर खिन्नता व्यक्त करते हैं। दरअसल, विवि के संघटक कॉलेजों का कबाड़ यहीं लाकर जमा किया जाता है। सभी की नजरों में यह अब तक कबाड़ ही था और इसे रद्दी के भाव बेच भी दिया जाता लेकिन कबाड़ को कला का रूप देने का ख्याल आया सुखाडिय़ा विवि के दृश्य-कला विभाग के प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर्स के मन में। इसी सोच को साकार करते हुए स्क्रेप स्कल्पचर की एक अनूठी वर्कशॉप आयोजित की जा रही है जिसमें अहमदाबाद, बड़ौदा, जयपुर व उदयपुर के कलाकार इस कबाड़ को कलात्मक कलाकृति बनाने में रात-दिन जुटे हैं। 28 फरवरी को इसे सुविवि परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा। पत्रिका ने की इनसे बातचीत-

 

स्क्रैप को दे रहे कौआ का रूप

अहमदाबाद के अलय मिस्त्री ने बताया कि वे पिछले 20 सालों से कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। स्क्रे प को देखकर ये तय करते हैं कि उसे किस रूप में ढाला जा सकता है। यहां जो स्क्रे प है उसे वे एक कौवे का रूप दे रहे हैं। आजकल कौवे बहुत कम दिखाई देते हैं, इन्हें शुभ माना जाता है। ये मेहमानों का संदेशा लाते थे तो पितरों की आत्मा को शांति इनके भोजन ग्रहण करने के बाद ही मानी जाती थी लेकिन अब इनकी संख्या कम होती जा रही है। ऐसे में उन्होंने स्क्रेप को कौवे का रूप देने का सोचा।

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