अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह पर डॉ कुरील ने भुखमरी से जुड़ी कही ये बात

अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह पर डॉ कुरील ने भुखमरी से जुड़ी कही ये बात

Dhirendra Kumar Joshi | Updated: 03 Dec 2017, 01:43:34 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय निदेशक डॉ.आरएस कुरील ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से निरन्तर फसल उत्पादन बढ़ रहा है.

उदयपुर . केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय निदेशक डॉ.आरएस कुरील ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से निरन्तर फसल उत्पादन बढ़ रहा है, जो हमारे देश की जनसंख्या के लिए पर्याप्त है। उसके बावजूद कुछ राज्यों में भुखमरी की समस्या निरन्तर बनी हुई है। उन्होंने कार्बनिक खेती की आवश्यकता पर बल दिया ताकि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कम किया जा सके। वे राजस्थान कृषि महाविद्यालय सभागार में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय-उदयपुर, आस्था फाउण्डेशन-मेरठ, चन्द्रशेखर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय-कानपुर, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय-रायचूर एवं एसएसडीएटी संस्था-मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘टिकाऊ कृषि एवं समवर्गी विज्ञान के विभिन्न पहलुओं’ पर आयोजित तीन दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज शनिवार को हुआ।

 


अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. उमा शंकर शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि फसल उत्पादन को बढ़ाने के लिए भूमि स्वास्थ्य उत्तम होना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता अच्छी होगी तो फसल उत्पादन भी अच्छा होगा। अत: हमें फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए मिट्टी स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए कार्बनिक खेती से उत्पादित खाद्यान्नों की आवश्यकता है ताकि मानव साथ उत्तम बना रहे। आज रासायनिक खादों, कीटनाशी एवं फफूंदनाशी के निरन्तर उपयोग से पानी, मिट्टी एवं हवा प्रदूषित हो रही है।

 

उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि डॉ. एके. सिंह, कुलपति, बीएयू, साबोर, बिहार, डॉ. आईएस. सोलंकी, सहायक महानिदेशक, एफएफसी, आईसीएआर, नईदिल्ली, डॉ. पीके राय, निदेशक, आईसीएआर-सरसों अनुसंधान निदेशालय, भरतपुर आदि ने भी सम्बोधित किया।

 

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उद्घाटन समारोह में एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. उमा शंकर शर्मा को एस.एस.डी.ए.टी. संस्था, मेरठ द्वारा चौधरी हंसा सिंह अवार्ड से सम्मानित किया गया। एमपीयूएटी के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र जैन एवं डॉ. राम हरि मीणा को युवा वैज्ञानिक अवार्ड से सम्मानित किया गया। एमएलएसयू, उदयपुर के डॉ. विनीत सोनी को आस्था संस्था द्वारा सांइटिस्ट ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया। उद्घाटन समारोह में अतिथियों द्वारा स्मारिका, हैण्डबुक ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एवं प्रोग्रेसिव रिसर्च के नवीन जर्नल का विमोचन किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एस पी सिंह ने अतिथियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थी विधार्थियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए तीन दिवसीय सम्मेलन में होने वाले सत्रों की जानकारी प्रदान की। आस्था सिंह ने आस्था फाउण्डेशन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वीरेन्द्र नेपालिया ने एमपीयूएटी में चल रही शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी। मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में वनस्पति शास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विनीत सोनी को इंटरनेशनल कांफ्रेंस में साइंटिस्ट ऑफ़ द ईयर अवार्ड प्रदान किया गया।

 

इस वर्ष फसलों के सुधार एवं फोटोसिंथेसिस पर की गई उत्कृष्ट रिसर्च के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम सचिव डॉ. पी. बी. सिंह, सहायक प्राध्यापक, राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर ने बताया कि इस अन्र्तराष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 700 वैज्ञानिक, शोघार्थी छात्र एव ंकिसान भाग ले रहे हैं। संचालन डॉ. गायत्री तिवारी एवं डॉ. आर. लोकेशा ने किया तथा धन्यवाद कार्यक्रम सचिव डॉ. पी. बी. सिंह, सहायक प्राध्यापक, राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर ने ज्ञापित किया।

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