उदयपुर के इस बांध की नहरों से 22 गांवों में 6839 हेक्टेयर भूमि पर होती है सिंचाई, जानें पूरी कहानी

Bhagwati Teli

Publish: Jun, 16 2019 02:32:16 PM (IST)

Bhatewar, Udaipur, Rajasthan, India

हेमन्त गगन आमेटा/वल्लभनगर. उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के सबसे बड़े सरजना बांध से नहरों के द्वारा कई गाँवों में किसानों के द्वारा खेतों में रबी की फसल की सिंचाई की जाती है। वल्लभनगर सिंचाई विभाग के अनुसार इस बांध से कुल 22 गांवों में 6839 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती है। इस बांध के पूरा भरने पर आस पास के कई गाँवों के प्रमुख जलस्त्रोत का लेवल भी ऊपर उठकर अच्छा बना रहता है। लेकिन पिछले साल वल्लभनगर क्षेत्र में औसत से कम बरसात होने के कारण इस बांध में उम्मीद से कम पानी आया जिससे कई गांव के किसानों की आस पर पानी फिर गया और प्रतिवर्ष खेतों में की जाने वाली खेती नहीं हो पाई।

बारिश कम होने से अधिकांश खेत खाली पड़े रहे जिससे किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा। सरजना बांध वल्लभनगर क्षेत्र के कई गाँवों के अन्नदाताओं के लिए वरदान साबित होकर पूर्णतया किसानों को आत्मनिर्भर बनाता है। पिछले वर्ष कम बरसात होने के कारण बांध के बेकवाटर एरिया में आने वाले गांवों में ही वाटर पम्पसेट के द्वारा किसानों ने रबी की फसलों की सिंचाई कर फसलों को बोया था।

उदयसागर के भरने के बाद सरजना बांध में पहुंचता है पानी

वल्लभनगर के सरजना बांध की कुल भराव क्षमता 1076 एमसीएफटी है। उदयपुर जिले के अधिकांश इलाकों में अच्छी बरसात होने के बाद फतहसागर के ओवरफ्लो होने पर इसका पानी सीधा उदयसागर में पहुँचता है फिर उदयसागर के पूर्णतया भरने के बाद पानी बेड़च नदी में होकर सीधा वल्लभनगर के सरजना बांध में पहुंचता है। इस बांध की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी रपट 900 मीटर की है। इसके पूरा भरने पर रपट से गिरने वाली अथाक जलराशी एक जलप्रपात के रूप में दिखाई देती है। इसलिए इस बांध के पूरा भरने के बाद आस पास के गांवों के लोग बारिश के दिनों में यहां पिकनिक मनाने के लिए आते हैं।

22 गांवो में सिंचाई के लिए पहुंचाता है पानी

वल्लभनगर बांध से कुल दो नहरें एलएमसी जिसकी लम्बाई 5.4 किलोमीटर व आरएमसी इसकी लम्बाई 12.50 किलोमीटर है। इन दोनो नहरो से कुल 22 गॉवों में सिंचाई के लिए किसानों को पानी उपलब्ध करवाया जाता है। जिसमें वल्लभनगर, करणपुर, रणछोड़पुरा, खालातोड, भटेवर, खोखरवास, जोरजीखेडा, नवानिया, कीकावास, नेतावला, रंठेड, मोरजाई, तारावट, धमानीया, शंभूपुरा, छपरा, रुन्डेडा, ईटाली, सियाखेडी, रूपावली, बागथल, नारायणपुरा आदि गांवों में सिंचाई की जाती है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned