धधकता रहा जयसमंद अभयारण्य

दावानल बुझाने में वन विभाग लाचार

By: surendra rao

Published: 18 Apr 2020, 01:57 AM IST

उदयपुर. ंअदवास. जिले से जयसमंद वन्यजीव अभ्यारण्य में लगी भीषण आग पांचवें दिन शुक्रवार को भी जारी रही। आग ५ हजार २०० वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र को घेर चुकी है। ऊंचे दुर्गम पहाडिय़ों पर आग तेज हवा के साथ आगे बढ़ती जा रही है। आग बुझाने के संसाधनों के अभाव में वन विभाग की टीमें आग पर काबू पाने में नाकाम रही। सीमा क्षेत्र के कुछ गांवों से शाम को आग की लपटें लोगों को दिखाई दी।
आग बुझाने के लिए वन विभाग की ३० मजदूरों की टीम सुबह ८ बजे अभ्यारण्य के रेन्जर गोतमलाल मीणा, वनपाल दिनेश कुमार, रमेश चन्द्र, सहायक वनपाल अमरसिह, जितेन्द्र सिह के नेतृत्व में नांदवी, मनियोल दर्रा, चांदघाटी, ढिमड़ा फ ाटक, रखेश्वर महादेव वन क्षेत्र में दिन भर बिना संसाधनों के आग बुझाने का प्रयास करती रही। मजदूर हाथों में गीले खजूर के पत्तों से बनाए झाड़ू आग पर मारकर तथा मिटटी डालकर आग को आगे बढऩे से रोकने का प्रयास करते रहे। फ ायर लाइन बनाकर भी आग रोकने का प्रयास किया गया। आग अपनी गति से हवा के साथ आगे बढ़ती गई।
टीम के मजदूरों ने कई वन्यजीवों को आग से घबराकर भागते हुए देखा। शाम टीम के मजदूर वन्यजीवों के हमले की आंशका से पहाड़ों से उतरकर अपने घरों को चले गए। आदिवासी मजदूरों को जंगल की आग बुझाने का अभ्यास है, लेकिन अभ्यारण्य की भीषण आग के आगे इनके प्रयास भी काम नहीं आ रहे हैं।
शनिवार सुबह टीम के मजदूर फि र से आग बुझाने के प्रयास शुरू करेंगे। लगातर जारी पांसवे दिन आग से आस-पास के क्षेत्रों तापमान तेजी से बढ़ा है। वन्यजीवों के आशियानें उजड़ गए हैं। हजारांे भूमिगत छोटे वन्यजीव आग की भेंट चढ़ गए हैं। यहां से भागे वन्यजीव अब खुले जंगलों में भोजन-पानी की तलाश में भटक रहे हैं।
अभ्यारण्यो की सीमा से सटे गांवों मे वन्यजीवों का भय बढ़ा है। इधर, पलोदड़ा वनक्षेत्र में गत दो सप्ताह से आग लग रही है, जो देर रात अजबरा गांव की आबादी तक पंहुच गई। देर रात तक आग की लपटें व धुंआ दिखाई देता रहा।

surendra rao Desk
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