श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : आधी रात घर-घर उत्सव, गूंजे ‘जय कन्हैया लाल’ के जयकारे

- मंदिरों में आधी रात में आरती, जगदीश मंदिर में नन्द उत्सव की धूम

By: madhulika singh

Published: 13 Aug 2020, 04:03 PM IST

उदयपुर. काली अंधियारी रात में जब कान्हा का जन्म हुआ तो घर-घर में नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, जय देवकीनंदन, राधे कृष्ण-गोपाल कृष्ण के जयकारे गूंज उठे। बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शहर में धूमधाम से मनाई गई। कोरोना काल की गाइडलाइंस की पालना के चलते मंदिरों में सांकेतिक आयोजन हुए तो भक्तों ने घरों में ही जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। शहर के वैष्णव मंदिरों में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। आकर्षक विद्युत सज्जा की गई, वहीं भक्तों ने ठाकुरजी के वर्चुअल दर्शन करके ही आनन्द लिया। आसमान ने भी बारिश के रूप में कृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां भेजी। इधर, जगदीश मंदिर में मंगलवार रात कृष्ण जन्मोत्सव के बाद बुधवार को नंदोत्सव मनाया गया। दोपहर को ढाड़ा-ढाडिऩ का नृत्य व बधाई के गीत गाए गए।

आधी रात में गूंजी बधाइयां
अस्थल मंदिर में रात 12 बजे प्रभु जन्म की बधाइयां गूंजी। प्रात: भगवान द्वारकाधीश का पंचामृत अभिषेक किया गया। रात को प्रभु जन्म के बाद आरती हुई। नृसिंहद्वारा मीठारामजी का मंदिर रावजी का हाटा में आयोजन हुआ। महंत हर्षितादास ने बताया कि आकर्षक सजावट की गई। भजन कीर्तन के बाद आधी रात में महंत रामचन्द्रदास ने महाआरती की। हरिदास जी की मगरी स्थित राधा बिहारी मंदिर में बुधवार तडक़े चार बजे पंचामृत स्नान कराकर शृंगार धराया गया। 151 दीपों से संध्या आरती और सुंदरकांड किया गया। जन्मोत्सव आरती रात 12 बजे हुई।

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महादेव व कृष्ण का मिलन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शिव दल की ओर से नीलकंठ महादेव मंदिर में आयोजन हुआ। दल प्रमुख मनीष मेहता ने बताया कि महादेव और कृष्ण के बाल रूप का अद्भुत मिलन हुआ। इस दौरान ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई। लड्डू गोपाल की झूले पर झांकी बनाई गई। 21000 लड्डूओं का भोग धराया गया। सांकेतिक रूप से मटकी फोड़ उत्सव हुआ। शाम 7 बजे महाआरती हुई।

madhulika singh Reporting
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