scriptjen accused of bribery | रंगे हाथों के पीछे छिपा है रिश्वत के आरोपी जेइएन का चेहरा | Patrika News

रंगे हाथों के पीछे छिपा है रिश्वत के आरोपी जेइएन का चेहरा

शर्तों में सरकार ने दी ढील, फिर भी ढूंढ़ लिया रिश्वत का रास्ता, सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान पर रिश्वत के दाग, एसीबी की कार्रवाई से नगर निगम में मचा हड़कम्प

उदयपुर

Published: December 18, 2021 07:14:10 pm

उदयपुर. एसीबी की टीम शुक्रवार को नगर निगम में पहुंची तो हड़कम्प मच गया। स्थानीय अधिकारी इधर-उधर सूचना देने लगे, वहीं जिन्हें जानकारी नहीं थी, वे जानने को उत्सुक नजर आए। एसीबी के आने की भनक से अनभिज्ञ जेइएन पकड़ा जाने पर घबराया हुआ नजर आया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की ओर से जेइएन के फोटो-वीडियो बनाने की स्थिति में जेइएन मुंह छिपाता रहा।
रंगे हाथों के पीछे छिपा है रिश्वत के आरोपी जेइएन का चेहरा
रंगे हाथों के पीछे छिपा है रिश्वत के आरोपी जेइएन का चेहरा
राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान 'प्रशासन शहरों के संगÓ पर रिश्वत का दाग लग गया है। आमजन को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने शर्तों में ढील दी, उसमें भी जेइएन ने रिश्वत का रास्ता ढूंढ़ लिया। शिकायत पर एसीबी की टीम नगर निगम में आयोजित शिविर में पहुंची तो हड़कम्प मच गया।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के शिविर में लगा रिश्वत का आरोपी जेइएन डेढ़ माह पहले ही संविदा पर नियुक्त हुआ था, जो एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगा था। जेइएन ने मौका रिपोर्ट बनाने के लिए भी प्रार्थी से रिश्वत मांग ली थी। उदयपुर जिले में अभियान के शिविरों में रिश्वत का यह पहला मामला सामने आया है। ऐसे में सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान की साख पर बदनामी का दाग लग गया है। प्रदेश में बेहतर प्रगति का तमगा लिए उदयपुर नगर निगम खुशी जाहिर कर रहा था और उसी के परिसर में रिश्वत का मामला सामने आने पर शुक्रवार को शहरभर में चर्चा का दौर चलता रहा।
सीएम ने कहा था कि 'कलक्टर करेंगे निगरानी'

दो अक्टूबर को शिविरों की शुरुआत के बाद समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि प्रशासन शहरों के संग और गांवों के संग अभियान का मकसद समस्याओं का निस्तारण है। ऐसे में अधिकारी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें। कलक्टर और स्थानीय निकायों के अधिकारी अभियान की निगरानी करें।
प्रदेश में अभियान का यह रहा हाल
- प्रतापगढ़ नगर परिषद में प्रशासन शहरों के संग अभियान को खानापूर्ति बताते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। पार्षद प्रतीक शर्मा ने खुलेतौर पर आरोप लगाए थे कि निर्माण स्वीकृति हो या भूमि रूपांतरण, बिना कमीशन के काम नहीं हो रहे हैं।
- सीकर कलक्टर शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे तो नगरपालिका में प्रशासन शहरों के संग शिविर में भ्रष्टाचार की शिकायतें आर्इं। लोगों ने बताया कि पट्टा बनवाने के बाद पंजीयन के लिए जब तहसील कार्यालय में जाते हैं तो दो हजार रुपए मांगते हैं।
- शाहपुरा की ग्राम पंचायत चिमनपुरा में पिछले माह रिश्वत पर कार्रवाई हुई। संभवतया प्रदेश में यह अभियान के तहत रिश्वत का पहला मामला था। रूपांतरण की एवज में 20 हजार रिश्वत लेते तहसील के जूनियर असिस्टेंट को पकड़ा था।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: आज इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का PM Modi करेंगे लोकार्पणदिल्ली में जनवरी में बारिश का पिछले 32 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, ठंड से छूटी कंपकंपी, एयर क्वालिटी में सुधारCovid-19 Update: भारत में कोरोना के 3.37 लाख नए मामले, मौत के आंकड़ों ने तोड़े सारे रिकॉर्डUP चुनाव में PM Modi से क्यों नाराज़ हो रहे हैं बिहार मुख्यमंत्री नितीश कुमारU19 World Cup: कौन है 19 साल का लड़का Raj Bawa? जिसने शिखर धवन को पछाड़ रचा इतिहासAjmer Urs : 1 फरवरी को उतरेगा संदल, 2 को खुलेगा जन्नती दरवाजाUP Top News: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षक पात्रता परीक्षा आज, दो पालियों में परीक्षाबेहद खतरनाक है ओमिक्रोन, इस अंग को कर रहा खराब, जानिए कैसे करें बचाव
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.