किसान से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते जेईएन और हेल्पर गिरफतार, ऐसे लूट रहे थे गरीब किसानों को..

एवीवीएनएल झल्लारा पर तैनात हैं दोनों आरोपी, एसीबी इंवेस्टिगेशन यूनिट ने पकड़ा, कार्रवाई जारी

By: madhulika singh

Updated: 18 Nov 2017, 05:42 PM IST

उदयपुर . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इंवेस्टिगेशन यूनिट ने शनिवार को झल्लारा स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम के जेईएन व हेल्पर को किसान से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपियों ने ये राशि खेत पर डीपी व तार की नई लाइन डालने की एवज में लिए थे। इस कार्रवाई से कई किसान खुश हो गए। उनका कहना था कि उन्होंने भी लम्बे समय से सरकारी शुल्क जमा करा रखा था लेकिन रिश्वत के चलते कनेक्शन नहीं दे रहे थे।

 

ब्यूरो ने जब रिकॉर्ड चैक किया तो पुष्टि भी हो गई। यूनिट के उपाध्यक्ष राजीव जोशी ने बताया कि सीपुर, झल्लारा निवासी डेंगाजी पुत्र देवजी पटेल कुछ किसानों के साथ एसीबी कार्यालय आए थे और उन्होंने झल्लारा विद्युत पावर स्टेशन के जेईएन गणेशनगर जयपुर निवासी कैलाश पुत्र सालिगराम गौतम व हेल्पर झल्लारा निवासी नाथ पुत्र भीमजी पटेल के खिलाफ रिश्वत की शिकायत की थी। किसानों का कहना था कि उन्होंने सरकारी शुल्क जमा कराए काफी समय हो चुका है। बुवाई का समय होने के बावजूद ना तो उन्हें कनेक्शन दिया जा रहा है और ना ही डीपी लगाकर लाइन खींची जा रही है। जबकि रिश्वत देने वालों के 10 से 12 दिन में ही कनेक्शन हो रहे हैं। इस संबंध में जब हेल्पर से संपर्क किया तो उसने जेईएन को 5 हजार रुपए देने पर ही कनेक्शन देने की बात कही।

 

READ MORE: सोशल मीडिया पर यूं हो रहा फिल्म पद्मावती का विरोध, प्रोफाइल में जौहर करती रानी पद्मिनी तो बलिदानी गौरव गाथा बनी कॉलर ट्यून

 

जोशी के नेतृत्व में सीआई रोशन सामारिया टीम के सदस्य जितेंद्र सनाढ्य, भगवतसिंह, विकास नागदा, युसूफ खान, भवानी सिंह के साथ झल्लारा विद्युत कार्यालय पहुंचे जहां पर हेल्पर नाथू ने डेंगाजी पटेल से 5 हजार रुपए की रिश्वत ली और जेईएन को पकड़ा दी। एसीबी ने मौके पर ही धरदबोचा। बताया जा रहा है कि 2012 में ही जेईएन राजकीय सेवा में आया था और 2015 से झल्लारा में पदस्थापित है। ब्यूरो टीम मौके पर ही है।

Show More
madhulika singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned