ऐसे होती हैं एनसीसी कैडेट्स की ट्रेनिंग, जोश, जुनून और जज्बे की कहानी, पढ़े पूरी खबर

Madhulika Singh

Publish: May, 19 2019 04:30:04 PM (IST)

Bhatewar, Rajasthan, India

हेमन्त गगन आमेटा/उदयपुर . पहले जहां एनसीसी में गर्ल्स कैडेट्स की संख्या कम होती थी वहीं अब गर्ल्स भी एनसीसी में जोश और जुनून के साथ दमखम दिखाते नजर आती है। फायरिंग हो या हथियारो के साथ ड्रिल या फिर टेंट पिचिंग या कोई ऑब्सटिकल पूरा करना हो.. किसी भी एक्टिविटी में गर्ल्स कैडेट्स बॉयज से पीछे नजर नहीं आती है। उदयपुर के भटेवर स्थित पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय 10 राज बटालियन एनसीसी उदयपुर के तत्वाधान में 10 दिवसीय कैंप आयोजित किया जा रहा है। इसमें उदयपुर संभाग के कुल 600 कैडेट्स भाग ले रहे हैं। (File Photo)


थल सेना में चयन के लिए ट्रेनिंग

लेफ्टिनेंट डॉ. डी एस चौहान ने बताया कि कैम्प में कैडेट्स को अलग अलग प्रकार की एक्टिविटी करवाई जाती है। जिसमे पॉइंट 2-2 राइफल से फायरिंग सहित कई गतिविधियों को लेकर प्रशिक्षित किया जाता है। लेफ्टिनेंट पी एस राव सांस्कृतिक प्रभारी व लेफ्टिनेंट डॉ. चंद्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि कैम्प में जूनियर व सीनियर डिवीजन के कैडेट्स शामिल है जिसको वार्षिक प्रशिक्षण व थल सेना में सेलेक्शन के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। थर्ड ऑफिसर जीतेन्द्र कुंवर चौहान कैम्प में गर्ल्स कैडेट्स को सुबह पीटी परेड व शूटिंग का प्रशिक्षण दिया जारहा हे। इसके बाद थ्योरी की क्लासेस आयोजित होती है।

 

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सीखा डिसीप्लीन, सेल्फ कॉन्फिडेंस और देश की रक्षा का जज्बा

कैप में भाग ले रहीं चेतना योगी, भव्या पालीवाल, नीलम तंवर, अक्षिता सोनी, कोमल विरवाल, भव्या कुंवर पंवार रिद्धि उमरानिया,डि पल शर्मा, स्वीटी कंवर देवड़ा, बिश्रा बुढा, युक्ता भट्ट ने बताया कि एनसीसी में आकर उन्होंने डिसीप्लीन लाइफ में रहना सीखा तो सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढ़ा है। वहीं, देश की रक्षा के लिए थल सेना में जाने के लिए वे उसी हिसाब से तैयारी करेंगे। ये कै प उन सभी चीजों में मदद करता है। इसी तरह बॉयज कैडेट्स भवानी सिंह भाटी, मिलन श्रीमाली विकास प्रजापत ने बताया कि एनसीसी में आने का लक्ष्य थल सेना में जाना है। ये वहां त क पहुंचने की पहली सीढ़ी है। इसके अलावा एनसीसी के कारण पर्सनेलिटी में चेंज आ गया है। खुद को आर्मी मैन की तरह ही समझते हैं।

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कैडेट्स की पर्सनेलिटी इम्प्रूव करने और कॅरियर बनाने में उपयोगी

कै प कमाण्डेंट कर्नल सुधाकर त्यागी ने बताया कि कै प के दौरान फायरिंग क पीटिशन, टेंट पिचिंग, हथियारों के साथ ड्रिल, युद्ध कौशल क्लासेस, मैप रीडिंग क्लासेस, पर्सनालिटी डवलपमेंट, ऑब्सटिकल विभिन्न प्रकार की बाधाओं के बारे में, थ्योरी कोर्स, कल्चरल प्रोग्राम सहित कई प्रकार की एक्टीविटी कैडेट्स को सिखाई जा रही है। कर्नल त्यागी ने बताया कि कैंप के दौरान 24 घण्टे एक्टीविटी होती है जिसमें सभी कैडेट्स को अनिवार्य रूप से भाग लेना होता है। जिससे कैडेट्स को पता चल सके कि सैनिक का जीवन किस प्रकार होता है ताकि कैडेट्स की पर्सनालिटी इम्प्रूव हो सके और कॅरियर बनाने में मदद मिल सके।

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