ग्रामीणों ने जताया विरोध, सडक़ नहीं सुधरी तो होगा आंदोलन

कानोड़-सार्वजनिक निर्माण विभाग की और से क्षेत्र में बनाई गई सडक़ों की हालत बद से बदतर हो गई है। एक के बाद एक सडक़े टूट रही है। चार पहिया और दुपहिया वाहनों के आवागमन में काफी परेशानी हो ही रही है

By: Krishna

Published: 07 Mar 2020, 07:27 PM IST

कानोड़-सार्वजनिक निर्माण विभाग की और से क्षेत्र में बनाई गई सडक़ों की हालत बद से बदतर हो गई है। एक के बाद एक सडक़े टूट रही है। चार पहिया और दुपहिया वाहनों के आवागमन में काफी परेशानी हो ही रही है। यही नहीं पैदल चलने वाले राहगीरों को भी मुसीबतें झेलनी पड़ रही है। सडक़ों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध भी जताया। कानोड़ से बलीचा वाया कोदरवाडि़या तक बनाई गई करीब १५ किमी. लम्बी सडक़ जगह-जगह चूरमे की तरह बिखर गई है। वर्षो बाद मुख्य सडक़ को सुधारा गया और उसमें भी घटिया सामग्री का उपयोग करने से सडक़ पर बिछाई गई कंकरीट उखड़ गई है,वहीं बलीचा से कोदरवाडिय़ा रामरसोड़े तक करीब तीन सौ मीटर व कोदरवाडिय़ा गांव को जोडऩे वाला करीब २०० मीटर हिस्सें को गिट्टी डालकर छोड़ दिया। छह माह बाद भी विभाग ने सुधारने की सुध नहीं ली है। सडक़ से उखड़ी कंकरीट से आए दिन वाहन दुर्घटनाएं होकर लोग चोटिल हो रहे है,लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शिकायत के बावजूद ध्यान नहीं दे रहे है। सरपंच श्रवण कुमार मीणा व ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ को सुधारने के लिए वह संबंधित अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवा चुके है,लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसमें से कुछ हिस्सा अभी भी डामरीकरण की बांट जोह रहा है । वहीं लाखो रूपये खर्च कर छह माह पूर्व बनाई मुख्य सडक़ पुरी तरह से बिखर चुकी है ।

नहीं सुधरी सडक़े तो करेंगे आंदोलन

स्थानिय ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी है कि बलिचा से कानोड़ जाने वाले मार्ग को सुधारने के साथ ही कोदरवाडिय़ा गांव की सडक़ को जल्द नहीं सुधारा गया तो वह पंचायत समिति सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे ।


टुटी सडक़ को सुधारे विभाग

अगस्त माह में सडक़ का डामरीकरण किया गया जो टूट चुका है। राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे है। सडक़ का कुछ हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है,जिसे जल्द पूर्ण किया जाए। समस्या को लेकर हमने सबंधित विभाग को भी अवगत करवाया लेकिन ध्यान नहीं दिया है मामले की जांच करवाते हुए सडक़ को अविलंब सुधारा जाए अन्यथा ग्रामीणों को आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा ।


श्रवण कुमार मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत बलीचा

सडक़ का डामर उखड़ गया है,जो जल्द ही वापस किया जाएगा। ठेकेदार का भुगतान रोका गया है। अधूरी पड़ी सडक़ों के लिए बजट मिलते ही डामरीकरण किया जाएगा ।


रोशन जैन, कनिष्ठ अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग,लसाडिय़ा

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