तीसरी लहर को लेकर सभी तैयारी रखे, हर व्यवस्था पहले से ही कर लें: देवड़ा

- जिला कलेक्टर ने ली चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक

By: bhuvanesh pandya

Published: 22 Jul 2021, 06:32 AM IST

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने सोमवार को समीक्षा बैठक लेकर चिकित्साधिकारियों को निर्देश्तिा किया कि सभी तैयारियां पहले से ही पूरी कर ले। संपूर्ण प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को लेकर प्रत्येक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए वैक्सीनेशन से लेकर अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता रेंडम सेंपलिंग व्यवस्था समय पर की जाए। जिला कलेक्टर देवड़ा ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश खराड़ी डब्ल्यूएचओ से डॉक्टर अक्षय व्यास उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राघवेंद्र राय सहित चिकित्सा विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

अनलॉक में मिली छूट की वजह से बाजारों में एवं पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ी है। चाहे तीसरी लहर आए या ना आए पर इससे बचाव हेतु हमें तैयारियां पहले से ही चाक चौबंद रखनी है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी कोविड केअर सेंटर के साथ साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटरए, डीजी सेट, दवाइयों की उपलब्धता से लेकर सैंपलिंग सहित सभी व्यवस्थाओं को पहले से ही पूर्ण रूप से सुनिश्चित कर लिया जाए। साथ ही उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लग रहे ऑक्सीजन प्लांट के कार्य को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा ताकि तीसरी लहर आने से पूर्व ही ऑक्सीजन की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा सके।कलेक्टर ने कहा कि तीसरी लहर का अनुमान सैंपलिंग द्वारा ही लगाया जा सकता है इसलिए शॉपिंग मॉलए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के साथ.साथ बाजारों में भीड़ भाड़ वाली जगहों पर रेंडम सेंपलिंग बढ़ाई जाए ताकि संक्रमण की वास्तविक स्थिति का अनुमान रहे। ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार तीसरी लहर से बचाव हेतु वैक्सीनेशन सर्वोत्तम उपाय है अत: हमें जल्द से जल्द अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन करना होगा। मोसमी बीमारियों का रखे ध्यानबैठक में जिला कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हमें कोविड के साथ साथ नॉन कोविड गतिविधियों पर भी फोकस करना है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों के फैलने की संभावना अधिक रहती है इसलिए इनके बचाव हेतु एक्टिविटीज जारी रखनी है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों की नॉन कम्युनिकेबल बीमारियों यथा बीपी, शुगर, कैंसर, इत्यादि की स्क्रीनिंग के साथ साथ टीबी की भी जाँच करवाई जाए ताकी प्राथमिक स्तर पर ही बीमारी का पता लगाकर उचित उपचार शीघ्र शुरू किया जा सके।

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