अब केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ही लेगा परीक्षा, दसवीं कक्षा की इस बार एक ही होगी परीक्षा

अब केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ही लेगा परीक्षा, दसवीं कक्षा की इस बार एक ही होगी परीक्षा

bhuvanesh pandya | Publish: Dec, 06 2017 12:17:44 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से दसवीं करने वाले बच्चों को इस बार स्कूल स्तर की परीक्षा देने का अवसर नहीं मिलेगा।

उदयपुर . केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से दसवीं करने वाले बच्चों को इस बार स्कूल स्तर की परीक्षा देने का अवसर नहीं मिलेगा। केन्द्र सरकार की मंशा के अनुरूप इस बार केवल सीबीएसई बोर्ड ही ये परीक्षा करवाएगा। वर्ष 2009-10 से सतत् व समग्र मूल्यांकन के तहत दसवीं के विद्यार्थी बोर्ड और स्कूल पैटर्न पर परीक्षाएं दे रहे थे। गत बार परीक्षा इस पैटर्न पर अंतिम बार परीक्षा हुई है। सीसीई पैटर्न पर हो रही इस परीक्षा को कई आपत्तियों और समस्याओं के कारण बंद कर दिया गया है। इस बार होने वाले परीक्षा में विद्यार्थयों को अंकतालिका में ग्रेडिंग के साथ-साथ अंक भी दिए जाएंगे।

 


गफलत, गड़बडिय़ां और दुरुपयोग
बोर्ड को मिली शिकायतों में सामने आया कि कई स्कूल इसका दुरुपयोग कर रहे थे। कई स्कूल कम स्तर वाले बच्चों को भी बेहतर सीजीपीए देकर उन्हें आगे तो बढ़ा देते थे, लेकिन इसका असर आगे की कक्षाओं पर पड़ रहा था। हालात ये हो गए थे कि जो बच्चे इस तरह से आगे जाते उन्हें अन्य बड़ी कक्षाओं में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था। उन्हें लाभ की बजाय नुकसान होने लगा।


ये भी रहे कारण
-कई स्कूलों में शिक्षकों के बीच में अंकों को लेकर टकराहट की स्थिति बनने लगी।
- कई स्कूल इस प्रणाली को बेहतर तरीके से समझ नहीं सके, ऐसे में कई प्रकार की गलतियां होने लगी थी।
- कई अभिभावकों ने स्कूलों के सामने इस परीक्षा पर आपत्ति जताई थी, केन्द्र को भी पत्र प्रेषित किए थे।

 

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वैसे पुरानी प्रक्रिया अच्छी थी। सीसीई पैटर्न पर होने वाली इस परीक्षा में स्कूलों स्तर पर कई समस्याएं उपजने से परेशानी बढऩे लगी थी। अब ‘बेक टु बेसिक’ पर लौट रहे है। इस बार केवल बोर्ड की परीक्षा तीन स्तर पर पिरियोडिक हो रही है। वर्ष 2009-10 में डॉ यशपाल इस पैटर्न को लाए थे, लेकिन इसमें नियमानुसार मूल्यांकन नहीं हो पाया।
मंजीतसिंह, प्रिंसिपल, सीपीएस, उदयपुर

 

पहले के पैटर्न पर बच्चे स्कूल स्तरीय परीक्षा में सीरियस नहीं थे। इसका असर आगे की कक्षाओं पर पडऩे लगा था। करीब पांच प्रतिशत परीक्षा परिणाम भी नीचे आने लगा था। स्कूल स्तर पर होने वाली जांच के कारण हर कोई अपने हिसाब से स्कूली परीक्षा को लेने लगा था, इसके कई दुष्परिणाम भी सामने आए। इसलिए इसे बंद किया गया है।
डॉ शैलेन्द्र सोमानी, निदेशक एमडीएस, उदयपुर

 

परेशानी के कारण बंद की

कई प्रकार की शिकायतों और परेशानियों के कारण पुराने पैटर्न को इस बार बंद कर दिया गया है। इस पर केवल बोर्ड ही दसवीं की परीक्षा लेगा। ऐसे में किसी भी स्तर पर कही कोई गलती की गुंजाइश नहीं रहेगी ।
आरके बालानी, सेक्शन प्रभारी परीक्षा (बारहवीं) सीबीएसई अजमेर रीजन

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