सज्जनगढ़ में लैन्टाना मुक्ति के लिए आईजी के साथ श्रमदान

वनस्पतियों के लिए खतरा बनी अवांछित झाडिय़ा हटाई

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 27 Jul 2020, 08:39 AM IST

उदयपुर. सज्जनगढ़ अभयारण्य को लैन्टाना से मुक्त करने के लिए अभियान का आगाज पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बिनीता ठाकूर के नेतृत्व में किया गया। शनिवार को शुरू हुए अभियान में पुलिस के जवानों के साथ वन विभाग के कार्मिकों ने सुबह 7 से 10 बजे तक श्रमदान किया।
सज्जनगढ़ को लैंटाना से मुक्त करने के लिए जवानों व वनकर्मियों ने अभयारण्य में से अवांछित झाडिय़ों को हटाया, ये झाडिय़ा जैव विविधता को नुकसान पहुंचाए इससे पहले ही उसे साफ किया जा रहा है। उप वन संरक्षक अजीत उचोई ने बताया कि यह अभियान 14 अगस्त तक चलेगा। अभियान के आगाज के दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) आर.के. सिंह, सहायक वन संरक्षक चन्द्रपाल सिंह चौहान, क्षेत्रीय वन अधिकारी गणेशलाल गोठवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश सांदू, स्वाति शर्मा आदि ने भी भाग लिया।

मनरेगा : 180 में से 117 श्रमिक ही मौके पर मिले

उदयपुर. ग्राम पंचायत पई में मनरेगा के कार्य स्थल पर 180 में से 111 श्रमिक ही कार्य स्थल पर थे और उसमें से भी 17 श्रमिक तो निजी खातेदारी जमीन पर काम कर रहे थे।
यह तस्वीर सामने आई उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के आकस्मिक दौरें के दौरान। मीणा ने बाद में जिला कलक्टर को पत्र लिखकर पूरी स्थिति बताई। मीणा ने बताया कि मौके पर मेट ने हाजरी तक नहीं भरी और जब श्रमिकों से पूछा तो वेे बोले कि हाजरी दो बजे ली जाती है जबकि सुबह भी भरने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मौके पर 4 की जगह 3 मेट ही थे। मीणा ने कलक्टर को बताया कि अफसर मेट को प्रशिक्षण प्राप्त बता रहे थे लेकिन ऐसा नहीं था। मीणा ने आरोप लगाया कि वहां बातचीत में सामने आया कि मनरेगा के प्रतिदिन 220 रुपए श्रमिकों को भुगतान करने की बजाय 143 रुपए दिए जा रहे है।

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Mukesh Kumar Hinger Desk
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