सलूंबर, भींडर व फतहनगर में शहरी सरकार नए साल में

भाजपा व कांग्रेस का मिशन 2021 की पहली जीत दर्ज करेंगे तो जनता सेना के केन्द्र भींडर में होगा रोचक मुकाबला, तीनों पालिकाओं में अब 25-25 वार्ड

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 16 Dec 2020, 11:22 AM IST

मुकेश हिंगड़/उदयपुर. नए वर्ष में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के तीन बड़े कस्बों की शहरी सरकार बनेगी। सलूंबर, भींडर व फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका के चुनाव 2021 में होंगे। जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव के बाद भाजपा-कांग्रेस का अगला मिशन अब इन निकायों में जीत दर्ज कर अपना चेयरमैन बनाना है।

तीनों निकायों में से भींडर राजनीति का केन्द्र बिन्दु होगा क्योंकि वहां पर जनता सेना की वजह से मुकाबला रोचक होगा। वैसे सेना तो तीनों निकायों में चुनाव लडऩे की तैयारी में है।
सलूंबर व फतहनगर में तो भाजपा अपना बोर्ड वापस बनाने को लेकर पहले से ही मैदान में उतर चुकी है तो कांग्रेस तीनों स्थानों पर प्रदेश में अपनी सरकार होने का फायदा मानकर बोर्ड बनाने को लेकर तैयारी कर रही है, कांग्रेस के लिए मुश्किलें यह है कि अभी संगठन में कोई कप्तान नहीं होने से पंचायत चुनाव में भी जिला परिषद का बोर्ड सरकार होते हुए नहीं बना सकी, इसलिए अब संगठन में इन चुनावों को लेकर पूरी गणित व मजबूत जिम्मेदारी के साथ काम करने का अभी मन बनाया है।

पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर की जनता सेना ने भींडर पंस. में सबसे ज्यादा वार्ड जीतकर अपनी ताकत का अहसास करा दिया और ऐसे में अब नगर पालिका चुनाव को लेकर भी काम शुरू कर दिया है।

तीनों पालिकाओं चुनी जाएगी 25 महिलाएं
सलूंबर, फतहनगर-सनवाड़ व भींडर नगर पालिका के 75 वार्डों में 25 महिलाएं ‘सेवक’ होगी अर्थात इन वार्डोँ में महिलाएं चुनी जाएगी। वैसे तो यह आंकड़ा और भी बढ़ भी सकता है क्योंकि सामान्य वार्ड या किसी वर्ग के सामान्य वार्ड में भी उस वर्ग की महिलाएं चुनाव लड़ सकती है लेकिन 25 महिलाएं तो पार्षद बनेगी ही। तीनों पालिकाओं में वार्डोँ का विस्तार होने के बाद अब 25-25 वार्ड हो गए है।

महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या

निकाय... कुल आरक्षित वार्ड

सलूंबर ... 8
फतहनगर... 8
भींडर... 9
कुल... 25

अध्यक्ष की कुर्सी का आरक्षण

- सलूंबर :सामान्य वर्ग
- फतहनगर : एसटी महिला वर्ग
- भींडर : सामान्य महिला वर्ग


तीनों ही पालिकाओं में चुने चेयरमैन बदले गए

1. नगर पालिका सलूंबर
यहां भाजपा का बोर्ड था। राजेश्वरी शर्मा पालिका अध्यक्ष थी। इससे पहले पालिका में भाजपा की चेयरमैन कमला थी जिनको भाजपा की ओर से अविश्वास पत्र लाकर हटाया गया, बाद में राजेश्वरी अध्यक्ष बनी, वह करीब दो साल तक इस पद पर रही।

2. फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका
यहां भी भाजपा का बोर्ड था। पार्टी ने ज्ञानचंद पाटोदी को चेयरमैन बनाया था, उनका निधन होने के बाद इस सीट पर भाजपा के ही पालिका उपाध्यक्ष राजेश चपलोत को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी।

3. भींडर नगर पालिका
भींडर में जनता सेना के बागी हेमंत साहू अध्यक्ष थे। वहां जनता सेना के 13 बागी हो गए जिन्होंने साहू को अध्यक्ष बनवाया। यहां पहले जनता सेना के गोवर्धन लाल चेयरमैन बने, जिनको अविश्वास प्रस्ताव से हटाया गया था।

इन निकायों में पहले ऐसे थी बोर्ड की गणित

वर्ष 2014-2015

भींडर पालिका
चेयरमैन बने - गोवर्धन लाल, निर्दलीय (जनता सेना समर्थित)
कुल वार्ड थे - 20
भाजपा : एक भी वार्ड नहीं जीत सकी
कांग्रेस - 03
अन्य दल - 17 (जनता सेना)

फतहनगर पालिका
चेयरमैन बने - स्व. ज्ञानचंद पाटोदी, भाजपा, बाद में राजेश चपलोत बने
कुल वार्ड थे - 20
भाजपा -14
कांग्रेस - 05
निर्दलीय - 01

सलूंबर पालिका
चेयरमैन बनी - कमला देवी, भाजपा , बाद में राजेश्वरी शर्मा
कुल वार्ड थे - 20
भाजपा -15
कांग्रेस - 04
निर्दलीय - 01

वर्ष 2010

भींडर पालिका
चेयरमैन बने - देवेन्द्र सिंह शक्तावत, कांग्रेस
कुल वार्ड थे : 20
भाजपा - 12
कांग्रेस - 08

फतहनगर पालिका
चेयरमैन बने - गोकुल गमेती, कांग्रेस
कुल वार्ड थे : 20
भाजपा पार्षद - 03
कांग्रेस पार्षद - 17

सलूंबर पालिका
चेयरमैन बने - नंदलाल, भाजपा
कुल वार्ड थे : 20
भाजपा - 10
कांग्रेस - 10

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