लेकसिटी में मिनी इंडिया की झलक, सांस्कृतिक रंगों में झलकी अनेकता में एकता

- देश भर से जुटे 300 आदिम एवं लोक कलाकार, लोक नृत्यों से जमाया रंग , 60 शिल्पियों ने अपने शिल्पों की प्रदर्शनी

 

By: madhulika singh

Published: 23 Feb 2021, 04:30 PM IST

उदयपुर. लेकसिटी में मिनी इंडिया की झलक देखने को मिली। गुजरात का राठवा, महाराष्ट्र का लावणी व कोली , आसाम का बीहू, पंजाब का भांगड़ा, कर्नाटक का पूजा कुनिथा, केरल से ओपना एवं तेलंगाना से वोगू ढोलु लोकनृत्यों के विविध सांस्कृतिक रंगों में अनेकता में एकता की झलक मिली। लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से रंग जमा दिया। मौका था आदिम, लोक एवं कठपुतली के क्षेत्र में कार्यरत संस्था भारतीय लोक कला मण्डल के 70 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित लोकानुरंजन मेले का। लगभग 11 महीने बाद लोक कलाकारों ने अपनी कला के जलवे दिखा कर लोकनुरंजन मेले का रंगारंग आगाज किया। मेले के तहत कार्यक्रम 24 फरवरी तक होंगे।

लोक कलाकारों का उत्साह कोरोना से भी नहीं पड़ा फीका
कार्यक्रमम का उद्घाटन किरण सोनी गुप्ता, निदेशक, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर एवं जितेन्द्र उपाध्याय आयुक्त ने किया। वहीं, कार्यक्रम में शामिल होने आए आदिम एवं लोक कलाकारों का उत्साह देखते ही बनता है। कोरोना के कारण कला जगत को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद दूर दराज के कलाकार समय की कमी एवं स्थान की दूरी को नजर अंदाज कर हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी कला का प्रदर्शन करने पहुंचे । इनमें विशेष हैं राजस्थान के चकरी, लंगा, कालबेलिया, गेर, सहरिया, ढफ नृत्य, गेर घूमरा तथा कथौड़ी नृत्य, तथा बोनला कोलाट्टम लोक नृत्यों आदि की दमदार प्रस्तुतियां दी। उद्घाटन अवसर पर असम के बीहू, महाराष्ट्र से लावणी, पंजाब के भांगड़ा ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से न केवल दर्शकों को अभिभूत किया बल्कि 11 महीने बाद उन प्रस्तुतियों से कलाकार एवं दर्शक भाव विभोर हो गए ।


कलाकारों ने निकाली रैली

कार्यक्रम से पूर्व देश के विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने लोक कला मण्डल परिसर से हाल ही में सुसज्जित हुए लोक कला मण्डल सर्कल तक शोभायात्रा निकाली तथा ये संदेश दिया कि कला एवं कलाकार हर स्थिति से लडऩे को हमेशा तैयार है साथ ही उन्होने कोरोना से सुरक्षा, मास्क दो गज की दूर मास्क है जरूरी आदि के बोर्ड भी प्रदर्शित किए।
भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि लोकानुरंजन मेले में 300 आदिम एवं लोक कलाकार देश भर से अब तक आ चुके हैं तथा 60 शिल्पियों ने अपने शिल्पों की प्रदर्शनी एवं बिक्री प्रारंभ कर दी है। उन्होंने यह भी बताया की कार्यक्रम सभी के लिए नि:शुल्क है परन्तु कोविड-19 की गाइडलाइन की अनुपालना अनुसार मास्क नहीं होने पर प्रवेश वर्जित है ।

madhulika singh Reporting
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