खुद की सुरक्षा से ज्यादा ड्यूटी से प्यार, पहले ये पहुंचते थे हर कंटेटमेंट जोन में

- कोरोना फ्रंट फाइटर्स

By: bhuvanesh pandya

Updated: 06 Jul 2020, 12:04 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. ये ऐसे चिकित्सक हैं जो खुद की सुरक्षा से ज्यादा अपनी ड्यूटी से प्यार करते हैं। इसलिए कि जब से अनलॉक हुआ है, वे अपने मूल काम की ओर लौट चुके हैं, लेकिन शुरुआती कोरोना काल में डॉ अशोक आदित्य उस टीम के सदस्य रहे जो हर कंटेटमेंट जोन में सबसे पहले पहुंचने वाले दल में शामिल रहे। जहां भी कोरोना पॉजिटिव मरीज पाया जाता, उस क्षेत्र में कंटेटमेंट जोन तैयार करने का काम करते रहे डॉ. आदित्य। जिले के जिला मातृ व शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आदित्य को लॉकडाउन के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा हाउस टू हाउस सर्वे की जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए प्रत्येक गांव के हर घर का प्लान तैयार करने का कार्य करते रहे। इसके अनुरूप ही जिले में हाउस टू हाउस सर्वे शुरू किया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने आरसीएचओं को कन्टेंटमेंट जोन प्रभारी नियुक्त किया गया। डॉ आदित्य ने पूरी मेहत2ने से इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।

----

45 कंटेटमेंट जोन में किया काम जिले लगभग 45 कंटेंटमेंट जोन में पहले वह खुद ही गुगल लोकेशन लेते थे, इसके पश्चात संबंधित चिकित्सा अधिकारी के साथ बैठकर जोन का निर्धारण करते। प्रत्येक पोजिटिव केस आने पर सबसे महत्वपूर्ण कार्य कंटेंटमेंट जोन बनाना रहता है। इसके अनुरूप ही प्रशासन की आगे का काम शुरू होता है, जैसे कफ्र्यू लगाना, खाद्य सामग्री का वितरण करना इसमें शामिल किया गया। आदित्य भले ही पूरे परिवार के साथ रहते हैं, दो बच्चे और उनकी पत्नी ने भी उनके कार्य में पूरा सहयोग दिया। जिले के अधिकांश कोरोना पॉजिटिव आने वाले मरीजों से वह स्वयं बातचीत करते थे, ऐसे में कई बार परिवार से दूर अलग कमरे में आइसोलेशन में रहते थे।

bhuvanesh pandya Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned