महाराणा प्रताप के राजतिलक स्थल के रख-रखाव का स्थायी समाधान करेंगे : डोटासरा

विधानसभा में उदयपुर

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 17 Mar 2021, 11:20 AM IST

उदयपुर. पर्यटन राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि महाराणा प्रताप के राजतिलक स्थल के रख-रखाव के लिए जल्द ही सख्त निर्णय लिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास के लिए हाल ही में उन्हें अधिकृत किया है और वे स्वंय 15 मार्च को अधिकारियों के साथ बैठक कर इसके स्थायी समाधान पर विचार विमर्श करेंगे।
डोटासरा प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि राजतिलक स्थल के रख-रखाव का मामला उपखंड अधिकारी पर नहीं छोडकऱ उच्चाधिकारियों को भेजकर स्थायी समाधान निकालेंगे। मुख्यमंत्री ने भी पर्यटन विकास के लिए कई घोषणायें की है और राज्य सरकार पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि इस स्थल के प्रबंधन के लिए उपखंड स्तरीय समिति की बैठक 18 जुलाई 2017, 1 नवंबर 2017, 24 नवंबर 2017, 4 जनवरी 2018, 13 मई 2019, 1 अक्टूबर 2019, 25 जून 2020 एवं फरवरी 2021 को हुई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के लिए ये बैठकें पर्याप्त नहीं है। इन बैठकों में उपखंड अधिकारी अध्यक्ष, तहसलीदार, विकास अधिकारी और सरपंच सदस्य होते है। वहीं, गोगुंदा में उपखंड अधिकारी गोगुंदा, सहायक निदेशक पर्यटन विभाग, तहसीलदार, विकास अधिकारी, सहायक अभियंता, सरपंच, ग्राम सेवक आदि सदस्य है।
इससे पहले विधायक प्रताप लाल भील के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि मेवाड़ कॉम्पलेक्स योजनान्तर्गत वर्ष 2005-06 से वर्ष 2018-19 तक गोगुंदा में 274.60 लाख रुपये के पर्यटन विकास कार्य कार्यकारी एजेंसी राजस्थान पर्यटन विकास निगम के माध्यम से कराये गये हैं। इस योजनान्तर्गत गोगुन्दा में निर्मित परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए उपखंड अधिकारी गोगुंदा की अध्यक्षता में उपखंड स्तरीय पर्यटन विकास समिति का गठन किया गया हैं। इस समिति द्वारा स्थल का रख-रखाव किया जा रहा हैं।
डोटासरा ने बताया कि राजतिलक स्थल में रख-रखाव प्रबंधन के लिए बनी उपखंड स्तरीय समिति की अब तक 8 बैठकें आयोजित हुई है। इस स्थल के रख-रखाव में लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
विस में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि इस स्थान को विकसित करने के लिए हम करोड़ों रुपए खर्च करते है लेकिन उनके मेंटेनेंस व देखभाल करने के लिए हमारे पास या तो पर्याप्त साधन है नहीं या हम लगाते नहीं। जिसके कारण वे स्थान बनाने, नहीं बनाने के बराबर हो रहे है। कटारिया ने कहा कि क्या इसके लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकती जिससे फंड भी मिले और वहां लोग भी रहे, क्या ऐसी कोई व्यवस्था हो सकती या केवल बनाकर छोडऩा ही पर्याप्त होगा?
डोटासरा ने कहा कि यह सही है, कटारिया से कहा कि चाहे आपका समय हो या हमारा समय हो, विभाग बनाकर दे देता है फिर कोई ग्राम पंचायत को तो कोई नगर पालिका को दे देते है, उसका क्या रख रखाव होता, फिर वह जर्जर हो जाता है, फिर उसमें पैसा लगा देते है, यह पैटर्न चला आ रहा है?


ग्रामीण में तीन महीने में कोई दुकान निलंबित नहीं

उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के सवाल पर सरकार ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र उदयपुर में 88 उचित मूल्य की दुकानें है, वर्तमान में 3 माह से अधिक समय से कोई भी दुकान निलंबित नही हैं।

Mukesh Kumar Hinger Desk
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