प्रताप सर्किट योजना में प्रताप से जुड़े स्थल होंगे विकसित!

राज्य पर्यटन निदेशालय को भेजे प्रस्ताव

मानवेंद्रसिंह राठौड़/उदयपुर. मेवाड़ कॉम्पलेक्स योजना की तर्ज पर प्रताप सर्किट नाम से नई योजना तैयार की गई है। इसके तहत महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों को विकसित किया जाएगा। केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत ही प्रताप सर्किट योजना स्वीकृत की जाएगी। राज्य पर्यटन निदेशालय के निर्देशन में पर्यटन विभाग ने प्रताप से जुड़े स्थलों हल्दीघाटी, दिवेर, कुंभलगढ़ व चावण्ड, गोगुंदा, मायरा की गुफा,आवरगढ़ एवं जावर में प्रताप के उपेक्षित स्थलों के विकास कार्य कराने के प्रस्ताव राज्य पर्यटन निदेशालय को भिजवाए है। कुंभलगढ़ में दुर्ग की 36 किमी. गोलाकार प्राचीर के साथ-साथ सडक़ बनाने एवं साइकिल और पैदल टे्रकिंग के लिए पाथवे, दुर्ग के बाहर पार्किंग स्थल, लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए म्यूजियम, हल्दीघाटी में लाइट एण्ड साउण्ड शो, प्रताप की गौरवगाथा से ओतप्रोत संग्रहालय, पर्यटकों के लिए यात्री शेड का निर्माण, उद्यान बनाने, केफेटेरिया के अलावा चेतक समाधि से रक्त तलाई तक साइकिलिंग के लिए ट्रेक निर्माण व जनसुविधाओं प्रताप की राजतिलक स्थली गोगुंदा में खेतेला तालाब को बर्ड वॉचिंग पॉइंट के रूप में विकसित करने, साइकिल टै्रक, प्रताप के शस्त्रागार रहे मायरा की गुफा में सडक़ निर्माण, पाथवे निर्माण आदि प्रस्तावित है। मेवाड़ के उत्तरी प्रवेश द्वार दिवेर में भव्य स्वागत द्वार का निर्माण, टे्रकिंग पाथवे का निर्माण, केफेटेरिया, संकेतिक बोर्ड एवं पर्यटकों के लिए सुविधाएं, अरावली पर्वत शृंखलाओं में स्थित आवरगढ़ पहाड़ी पर कमलनाथ में सांकेतिक बोर्ड लगाने, स्वागत द्वार, केफेटेरिया, पाथवे, प्रताप के संकट के समय के दौरान निवास स्थल रहे जावर में वाहन पार्किंंग, केफेटेरिया, साइकिल पाथवे, प्रताप की निर्वाण स्थली चावण्ड में तालाब में बर्ड वॉचिंग पॉइंट, हाइमास्ट लाइटें, सौलर लेंप, पेयजल एवं सुविधाघर का निर्माण प्रस्तावित है।

सांसद दीयाकुमारी की पहल पर बनी योजना
राजसमंद की सांसद दीयाकुमारी ने केन्द्रीय व राज्य के पर्यटन मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षि किया था। इस पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री ने सांसद को 14 अगस्त, 2019 को परियोजना के प्रस्ताव भिजवाने को कहा था। इसी कड़ी में राज्य के पर्यटन निदेशालय ने प्रस्ताव मांगे हैं।

भिजवाए हैं प्रस्ताव
-केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने राज्य पर्यटन निदेशालय को महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों के विकास के लिए प्रताप सर्किट योजना के तहत प्रस्ताव मांगे थे। उसी अनुरूप प्रस्ताव बनाकर भिजवा दिए है। अब शीघ्र ही इंजीनियरों की टीम आएगी, जो तखमीना तैयार करेगी।

शिखा सक्सेना, उपनिदेशक, पर्यटन विभाग

madhulika singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned