1935 में वर्धा से बापू का आशीर्वाद यूं पहुंचा उदयपुर, आज भी सहेज रखा है गांधी संग्रह मेें

महात्मा गांधी पुण्यतिथि विशेष, महात्मा गांधी के अनमोल हस्ताक्षर से लेकर फोटो, बापू की अमर कहानी का रिकॉर्ड, पेंसिल स्केच, नोट्स, स्टेम्प आदि का संग्रह है भूपेंद्र मल्हारा के पास

By: madhulika singh

Published: 30 Jan 2021, 03:28 PM IST

उदयपुर. दीर्घायु हों, अच्छे बनो, बापू का आशीर्वाद... वर्धा में 1935 में स्वतंत्रता सैनानी स्व. भूरेलाल वया के पुत्र महेंद्र प्रताप वया को ये लिखित आशीर्वाद महात्मा गांधी ने उनके जन्मदिन पर दिया था। उस दिन महात्मा गांधी का मौन व्रत था। ऐसे में ये लिखित आशीर्वाद वर्धा से उदयपुर आ पहुंचा। इसे सहेज कर अपने गांधी संग्रह में रखा है उदयपुर के भूपेंद्र मल्हारा ने। भूपेंद्र के पास ना केवल महात्मा गांधी का ये हस्ताक्षर युक्त आशीर्वाद है बल्कि उनके पास 20 से भी अधिक गांधी से जुड़े सामान हैं जिन्हें उन्होंने संग्रहित कर रखा है।


38 साल से सहेज रहे गांधी संग्रह को

महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानने वाले भूपेंद्र मल्हारा फोटोग्राफी पेशे से जुड़े हुए हैं। उन्हें महात्मा गांधी से जुड़ी चीजों को संग्रहित करने के 38 वर्ष हो चुके हैं। मल्हारा ने बताया कि बापू के हस्ताक्षर को उन्होंने उनका आशीर्वाद समझ कर ही अपने पास सहेज कर रखा है। उन्हें ये आशीर्वाद स्वतंत्रता सैनानी स्व. भूरेलाल वया के पुत्र महेंद्रप्रताप वया से मिला था। मल्हारा के पास महात्मा गांधी के अनमोल हस्ताक्षर से लेकर बापू की अमर कहानी 78 आरपीएम रिकॉर्ड, महात्मा गांधी का प्रार्थना संवाद, 100 साल पुराने 350 फोटो, पेंसिल स्केच, गांधी स्टेम्प, कार्टून बुक, घड़ी, सिक्के, नोट, गांधी स्मारक निधि, गांधी मैडल, पोस्टकार्ड, हिंदी व गुजराती की किताबें आदि का संग्रह है।

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उदयपुर में गांधी-सी जुड़ी हैं कई चीजें
इतिहासकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने बताया कि उदयपुर में महात्मा गांधी से संबंधित कई यादें हैं। बुनियादी शिक्षा स्कूल देश का पहला गांधीवादी स्कूल था जिसमें कई हस्तियों ने शिक्षा ली। इसके अलावा गांधीजी द्वारा हस्ताक्षरित गीता भी उदयपुर में रही। उन्होंने अपनी भतीजी उमिया बेन को कन्यादान में भेंट की थी। उस पर लिखा था ‘बापू के आशीष’। बापू की कथा राजेंद्र कृष्ण की लिखी हुई उस पर एचएमवी ने चार पार्ट में रिकॉर्ड बनाए थे, वह स्कूल-स्कूल में बापू के निधन पर बजाए गए थे। मेवाड़ में बापू की महिमा में गीत गाए गए जिनमें उन्हें विष्णु का अवतार बताया गया। नाथू सिंह महियारिया ने गांधी शतक भी लिखा। ऐसे में उदयपुर में कई चीजें बापू से जुड़ी हुई हैं।

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madhulika singh Reporting
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