कुपोषण भगाने प्रशासन ने कसी कमर

- कलक्टर ने किया 'कुपोषण से जंग-पौष्टिक आहार के संग अभियान काआगाज

By: bhuvanesh pandya

Published: 08 Dec 2019, 02:46 PM IST

भुवनेश पण्ड्याउदयपुर. जिले के आदिवासी अंचल में जिला प्रशासन के सहयोग से नारायण सेवा संस्थान की ओर से 'कुपोषण से जंग-पौष्टिक आहार के संगÓ अभियान का आगाज शनिवार को कलक्टर आनन्दी ने किया।

कलक्टर ने जिले के चिह्नित गांवों में जाने वाली टीमों और वितरण सामग्री के वाहनों को कलक्ट्रेट परिसर से रवाना किया। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, विष्णु शर्मा, भगवानलाल गौड मौजूद थे।
----

दो दिन में 800 परिवारों को देंगे सामग्री
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि अभियान के तहत दो दिनों में कोटड़ा, सायरा व झाड़ोल, फलासिया पंचायत समितियों के 26 गांवों में करीब 800 मासूम कुपोषित बच्चों, माताओं व अन्य परिजन को मल्टी विटामिन युक्त पौष्टिक आहार के किट वितरित किए जाएंगे।

----
यह है सामग्री

प्रत्येक किट में 15 दिन की राशन सामग्री के रूप में आयरन व अन्य पौष्टिक तत्वों से युक्त 10 किलो आटा, 2 किलो छिलके वाली मूंग दाल, 2 किलो चावल, 1 किलो शक्कर, 1 किलो आयोडिन नमक, 1 किलो सोयाबिन तेल व बिस्किट शामिल है। निदेशक वन्दना अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को पिपलवाड़ा, फलासिया, में 28, कड़ा, झाड़ोल में 33, भानपुरा, सायरा में 19, उखलियात कोटड़ा में 50 किट वितरित किए गए। कुपोषितजनों की स्वास्थ्य जांच करने के बाद पौष्टिक आहार दिया गया।
----

आज यहां शिविर
अभियान के तहत 8 दिसम्बर को कोटड़ा पंचायत समिति के बेकरिया, ढेडमरिया, बड़ली, महाड़ी, मामेर, वागावत, खजूरिया, सायरा पंचायत समिति के ढूंढ़ी, वेसमा, फ लासिया के आम्बीवाड़ा, बिच्छीवाड़ा, अम्बासा, पानरवा, नेवज व झाड़ोल पंचायत समिति के झाड़ोल, मगवास, थोबावाड़ा, चंदवास व गोरण गांवों शिविर लगेंगे।

-----
यहां सुधरी स्थिति

मावली में सामुदायिक कुपोषण निवारण अभियान के तहत एमटीसी में भर्ती 12 अतिकुपोषित बच्चों में से 10 के वजन में बढ़ोतरी हुई। इस सफ लता के बाद सामुदायिक कुपोषण निवारण अभियान को वृहत स्तर पर कोटड़ा, झाड़ोल, फ लासिया, सलूम्बर झल्लारा, गोगुन्दा, सायरा, सेमारी, सराड़ा, लसाडिय़ा, खेरवाड़ा, गिर्वा, कुराबड़, ऋ षभदेव में चलाया जा रहा है।
-----

इस तरह हो रहा काम
अभियान के नोडल प्रभारी व आईसीडीएस उपनिदेशक महावीर खराड़ी ने बताया कि विभिन्न तहसीलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशाएं, स्वच्छ परियोजना के कार्यकर्ता, राजीविका के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा गैर सरकारी संगठन आजिविका ब्यूरो, आदिवासी विकास मंच, जतन सेवा संस्था, सेवा मन्दिर आदि की ओर से टीम बनाकर घर-घर जाकर बच्चों की जांच करके कुपोषित व अति कुपोषित श्रेणी में चिह्नित कर रहे हैं।

bhuvanesh pandya
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned