मिड डे मील योजना के कॉम्बो पैक के लाभ से हजारों विद्यार्थी हो रहे वंचित

कम मात्रा में मिल रहे कॉम्बो पैक, पिछले साल भी कई विद्यार्थियों को नहीं मिला लाभ, इस साल भी विद्यार्थियों की संख्या से 14 हजार पैकेट कम

By: madhulika singh

Published: 16 Jun 2021, 08:21 PM IST

उदयपुर. कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते बंद सरकारी स्कूलों में जिन बच्चों को मिड-डे मील का भोजन नहीं मिल पाया था उस बजट से बच्चों के अभिभावकों को दाल, तेल और मसाले आदि के कॉम्बो पैकेट्स दिए जाते हैं। लेकिन, कॉम्बो पैकेट्स वितरण में अनियमितताएं सामने आई हैं। उदयपुर जिले के कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो कोरोना काल में इस लाभ से वंचित रह गए हैं। इसका कारण कम मात्रा में कॉम्बो पैक आना है।

कई विद्यार्थी रह गए वंचित
दरअसल, 20 मार्च, 2020 से कोविड. 19 के कारण विद्यार्थी स्कूल नहीं आ रहे हैं। इस कारण इस योजना का गेहूं, चावल सीधा दिया जा रहा है। अप्रेल 2020 से जून, 2020 तक जिले के लिए कम मात्रा में कॉम्बो पैक आए जिसका वितरण किया गया। इस दौरान कई बालक वंचित रह गए। वंचित रहे उन विद्यार्थियों को आज तक कॉम्बो पैक नहीं दिए जा सके। जानकारी के मुताबिक अब वापस 1 जुलाई, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक की अवधि की कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट से दालें, तेल, मसाले आदि के कॉम्बो पैक का आवंटन किया गया है, जो फिर से मात्रा में कम हैं।


14 हजार पैकेट्स आए कम

उदयपुर जिले के बालकों के लिए 3, 64,006 कॉम्बो पैकेट जुलाई, 2020 के नामांकन के आधार पर दिया गया है, जबकि वर्तमान में इस योजना से लाभान्वित होने वाले बालकों की संख्या लगभग 3, 78000 है। यानी करीब 14 हजार कॉम्बो पैक कम मिले हैं। ऐसे में अब 1 अगस्त, 2020 के बाद प्रवेश लेने वाले बालकों को कॉम्बो पैक नहीं दिए जा सकेंगे। ऐसे में अब शिक्षकों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं कि वे अभिभावकों को इस संबंध में क्या जवाब देंगे।

कॉम्बो पैक में मिलने वाली सामग्री -
सामग्री का विवरण - प्राथमिक कक्षा 1 से 5 - उच्च प्राथमिक कक्षा 6 से 8

चना दाल - 2 किलो - 3 किलो
मूंग छिलका दाल - 3 किलो - 5 किलो

तेल सोयाबीन - 1 लीटर - 1.5 लीटर
धनिया पाउडर - 500 ग्राम - 700 ग्राम

मिच पाउडर - 500 ग्राम - 700 ग्राम
हल्दी पाउडर - 500 ग्राम - 700 ग्राम

नमक - 2 किलो - 3 किलो
जीरा - 200 ग्राम - 200 ग्राम


इनका कहना है...

तेल मसालों के कॉम्बो पैक के वितरण के लिए वर्तमान में जो बालकों की संख्या शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध है, उस नामांकन अनुसार ही विद्यालयों में कॉम्बो पैकेट पहुंचाए जाने चाहिए। बालकों के अनुपात में कम संख्या में पहुंचाने पर शिक्षकों को कॉम्बो पैक से वंचित बालकों के अभिभावकों के रोष का सामना करना पड़ता है।
शेर सिंह चौहान, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ

यदि किसी भी स्कूल में कॉम्बो पैक्स की मात्रा कम होती है तो उन्हें पीईईओ को इसकी जानकारी देनी चाहिए। वो सीबीईओ को इसकी जानकारी देंगे तो हमारे पास बात आएगी। अब तक जितनी विद्यार्थियों की संख्या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जयपुर भेजी गई, उसी अनुसार कॉम्बो पैक आए हैं। वहीं, नव प्रवेशित विद्यार्थियों को अब तक कॉम्बो पैक वितरित नहीं किए जा सके हैं क्योंकि उनके लिए अब पैकेट्स आएंगे। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
चंद्रशेखर जोशी, अति. जिला शिक्षा अधिकारी, प्रभारी, मिड डे मील

madhulika singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned