इस मंत्री ने बैठक में अधिकारियों से कहा- 'मुझे आंकड़ों में मत उलझाना, मैं सारी असलियत जानता हूं'

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By: abdul bari

Published: 19 Jan 2019, 09:19 PM IST

उदयपुर.
मुझे आंकड़ों में मत उलझाना, धरातल पर जो कार्य हो रहे हैं उनकी वास्तविकता से अवगत करवाएं। मैं सारी असलियत जानता हूं। मैं किसी भी दिन किसी भी अधिकारी को फिल्ड में ले जाकर योजनाओं और कार्यों की जानकारी ले सकता हूं। इसलिए जो वस्तुस्थिति है उसी से मुझे अवगत कराया जाए। यह बात जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र) प्रभार अर्जुनसिंह बामनिया ने कही।

उन्होंंने शनिवार को टीएडी आयुक्तालय में विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बामणिया ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार मिले एेसी व्यवस्थाएं की जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चुनाव से पहले फिल्ड में कार्य करके दिखाएं। योजनाओं के नियमों में संशोधन और केंद्र से कुछ मांगना है तो इसके प्रस्ताव बनाकर भेजें। बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास आयुक्त भवानी सिंह देथा, अतिरिक्त आयुक्त विनिता बोहरा सहित जनजाति उपयोजना क्षेत्र के परियोजना अधिकारी एवं शिक्षा, वन, पीएचईडी, सार्वजनिक निर्माण, वन आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी कहा -
मत्साखेट से दिलाए रोजगार, वनाधिकार अधिनियम के अनुसार पात्रों मिले पट्टे, 100 दिवसीय कार्ययोजनाओं को दृष्टिगत रख कार्य करें, खेल प्रतिभाओं के लिए बहुद्देश्यीय खेल छात्रावासों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति पूर्व की भांति हो, आवासीय विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए, वार्डन के खिलाफ शिकायत आने पर तुरंत हटाया जाए, छात्रावासों में लगाए जाए सीसीटीवी कैमरे, छात्रावासों में बच्चों के कैरियर काउसंलिंग की व्यवस्था की जाए, प्रतिभावान एसटी छात्राओं को दी जाने वाली स्कूटी टीएसपी एरिये की एससी को भी मिले, जनजाति छात्रावासों में हो बी-एड इंटर्नशिप।

बैठक के दौरान मंत्री बामनिया ने कहा कि बीएड कॉलेज के छात्राध्यापकों की इंटर्नशिप विभाग के हॉस्टल में करवाई जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा करने से स्टाफ की कमी से जूझ रहे आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा एवं उनके शिक्षा के स्तर में इजाफा होगा।

बकरी के दूध का पाउडर बनाकर बेचें
राज्यमंत्री बामनिया ने जनजाति क्षेत्र बकरी पालन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बकरी के दूध का महत्व बताते हुए कहा कि इसके दूध का पाउडर बनाकर इसके विक्रय के लिए बाजारों तक इसकी पहुंच बनाने की संभावनाएं तलाश की जाए। इससे उत्पादन के साथ क्षेत्र में रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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