कोरोना लैब शुरू करने के लिए एनएबीएल सर्टिफिकेट जरूरी

- उदयपुर से दो निजी चिकित्सालयों ने किया आवेदन

By: bhuvanesh pandya

Published: 26 Jun 2020, 08:25 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. उदयपुर में भले ही निजी हॉस्पिटल व मेडिकल कॉलेज की कमी नहीं है, लेकिन फिलहाल कोरोना की जांच केवल आरएनटी मेडिकल कॉलेज में ही हो रही है। किसी भी निजी हॉस्पिटल को यदि अपने किसी भी मरीज की कोरोना जांच करवानी है तो उसे जयपुर स्थित महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में नमूने भेजकर जांच करवानी पड़ रही है। फिलहाल उदयपुर में कोरोना टेस्ट के लिए एनएबीएल सर्टिफिकेट (नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फ ॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज) जरूरी है, इसके लिए उदयपुर संभाग से गीताजंली मेडिकल कॉलेज और अनन्ता मेडिकल कॉलेज ने आवेदन कर रखा है।

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उदयपुर में पूरे हुए 29 हजार टेस्ट

वर्तमान में देश में 730 सरकारी व 270 निजी प्रयोगशालाओं में फिलहाल जांच हो रही है। कोविड-19 की लैब क्षमता एक हजार हो चुकी है, वहीं उदयपुर संभाग में केवल एक ही लैब में ये टेस्ट हो रहे हैं। देशभर में अब तक 75.60 लाख टेस्ट हो चुके हैं। राज्य में 7 लाख 40 हजार 855 टेस्ट हो चुके हैं, जबकि उदयपुर में अब तक 29335 कोरोना टेस्ट हो चुके हैं। यह सभी टेस्ट आरएनटी मेडिकल कॉलेज की लैब में किए गए हैं।
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महत्वपूर्ण बिन्दु
- वर्तमान में कोरोना वायरस के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के निर्देश पर 1 हजार लैब में टेस्ट शुरू हो चुके हैं।

- अब एनएबीएल से मान्यता मिलने के बाद आईसीएमआर से अनुमति पर ही जांच सुविधा मिल सकती है।
- वर्तमान में एनएबीएल की टीम ऑनलाइन निरीक्षण कर रही है, एनएबीएल की वेबसाइट पर जो गाइड लाइन है उसके अनुसार निजी लैब होनी चाहिए।

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ये होना जरूरी

- नियमानुसार आधारभूत सुविधाएं
- उच्च तकनीकी मशीन

- सटिक परिणाम लाए ऐसी तकनीकी व्यवस्थाएं
- डॉक्टर्स व स्टाफ में तकनीकी समझ

- अन्य महत्वपूर्ण मानक
- केलिबे्रशन ऑफ कन्ट्रोल: एनएबीएल से पहले से टेस्ट नमूना भेजा जाता है, उसकी जांच यहां कर वह वहां पुन: भेजना होता है, यदि उसके अनुरूप सही परिणाम आता है तो ये मान्यता मिल सकती है।

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मापदण्ड पूरे होने जरुरी

उदयपुर से एनएबीएल सर्टिफिकेट के लिए दो मेडिकल कॉलेजों ने आवेदन किया है, जैसे ही वहां टेस्ट शुरू होते हैं तो मरीजों को राहत मिलेगी। इसके लिए कड़े मापदण्ड है, जो पूरे होने जरूरी है, एनएबीएल से आवेदन के बाद आइसीएमआर की अनुमति भी जरूरी है।
डॉ. आनन्द गुप्ता, महासचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन

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सरकारी हॉस्पिटल को सीधे आइसीएमआर अनुमति देता है, जबकि निजी के लिए एनएबीएल सर्टिफिकेशन जरूरी है।

डॉ .लाखन पोसवाल, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज

bhuvanesh pandya Reporting
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