डोली में बैठकर आएंगी मां अंबे, नवरात्र की शुरुआत 7 से

इस बार 8 दिन के ही होंगे नवरात्र, चतुर्थी तिथि का होगा क्षय, N घरों-मंदिरों में होगी घट स्थापना, चलेगा पूजा-हवन का दौर

By: madhulika singh

Published: 06 Oct 2021, 04:04 PM IST

उदयपुर. शक्ति आराधना का पर्व नवरात्र इस वर्ष 7 अक्टूबर से आरंभ होगा। 14 अक्टूबर को इसकी समाप्ति होगी। खास बात यह है कि इस वर्ष शारदीय नवरात्र गुरुवार से आरंभ होकर गुरुवार को ही पूर्ण होंगे और इस बार नवरात्र 8 दिनों के ही होंगे। वहीं, माता के दरबारों में यज्ञ, अनुष्ठान व पूजा-अर्चना का दौर चलेगा तो घरों में घट स्थापना के साथ ही पूजा-पाठ शुरू होंगे। इस बार भी भक्तों को कोरोना गाइडलाइंस की पालना के तहत ही मंदिरों में प्रवेश दिया जाएगा।


मनुष्य की सवारी से होगी माता की विदाई

पं. जितेंद्र त्रिवेदी जोनी के अनुसार इस वर्ष देवी का आगमन डोली की सवारी से होगा। वहीं, विदाई मनुष्य की सवारी से होगी, जो वर्ष पर्यंत सुख व समृद्धि की द्योतक है, लेकिन आगमन डोली की सवारी से है, जो वर्ष में महामारी व आपदाओं, युद्धों और राजनीतिक उठापटक आदि का संकेत देता है, लेकिन विदाई मनुष्य की सवारी से होगी, जो शुभ है अत: वर्ष मध्यम रहेगा। वहीं, नवरात्र 8 दिन की ही होगी क्योंकि इसमें चतुर्थी तिथि का क्षय रहेगा, अत: तृतीया तिथि पर ही चतुर्थी को माना जाएगा।
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15 अक्टूबर को मनाया जाएगा दशहरा
पं त्रिवेदी के अनुसार नवरात्र के नौ दिनों में प्रथम दिवस भगवती शैलपुत्री की पूजा होती है, द्वितीय तिथि के दिन ब्रह्मचारिणी, तृतीया तिथि के दिन भगवती चंद्रघंटा की पूजा होती है। लेकिन इस वर्ष तृतीया तिथि पर ही चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है अत: तृतीया पर ही भगवती कुष्मांडा की भी पूजा होगी। पंचम दिवस भगवती स्कंदमाता, षष्टम दिवस भगवती कात्यायनी, सप्तम दिवस भगवती कालरात्रि, अष्टम दिवस भगवती महागौरी तथा नवमी तिथि के दिन भगवती सिद्धिदात्री, जो स्वयं सभी मनोरथों को सिद्ध करने वाली हैं, उनकी पूजा होगी। इसके बाद विजयादशमी 15 अक्टूबर को होगी, जिसे स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त भी कहा गया है। इस दिन नवीन व स्थिर कार्य करने के लिए विशेष दिन माना गया है।

madhulika singh Reporting
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