नई सरकार से मावली वालों की उम्मीदें बागोलिया बांध को भरे

नई सरकार से मावली वालों की उम्मीदें बागोलिया बांध को भरे

Mukesh Hingar | Publish: Dec, 24 2018 11:31:50 AM (IST) | Updated: Dec, 24 2018 11:53:44 AM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

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मुकेश हिंगड़, शुभम कड़ेला / मावली. जनता ने फिर ५ साल के लिए अपने प्रतिनिधि चुने हैं।नई सरकार और चुनकर विधानसभा भेजे गए अपने प्रतिनिधियों से जनता की क्या हैं अपेक्षाएं। मावली विधानसभा की बात करें तो बडियार पंचायत में मावली-नाथद्वारा रोड पर स्थित बागोलिया बांध रीता पड़ा है। बागोलिया बांध 1956 में निर्मित हुआ, इससे पूरे मावली क्षेत्रभर में पेयजल एवं सिंचाई होती थी परन्तु बांध में पानी नहीं आने से क्षेत्र में बड़ा संकट हो गया है। मावली विधानसभा क्षेत्र की प्यास बुझाने और सिंचाई को लेकर खेतों तक पानी पहुंंचाने के लिए सबसे बड़ा बागोलिया बांध है, जो करीब 11 वर्ष से खाली पड़ा है। इस चुनाव में भी यह बड़ा मुद्दा बना। क्षेत्र में बारिश नहीं होने से इस बांध तक पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में बाघेरी नाका और उदयसागर झील से पानी यहां लाने का प्रोजेक्ट बनाया गया और वह साकार होता है तो यह बांध भरा जा सकता है। ऐसा होने पर इस क्षेत्र में जलापूर्ति और सिंचाई की परेशानी दूर हो सकती है।

परेशानी का पैमाना
- बागोलिया बांध की पाल पर बडे बडे कांटे, झाडियां एवं अंग्रेजी बबूल उग आए है।
- बांध पर एक कार्यालय भी है, जो खंडहर में तब्दील हो चुका है।
- वहां एक वर्षामापी यंत्र स्थापित है। कोई देखभाल नहीं होने से वह भी खंडहर का भाग बन गया है।

सरकार यह करे
- उदयसागर झील से बागोलिया को भरने का काम किया जा सकता है। इसके लिए नहरों के जरिए पानी पहुंच सके।
- इसी प्रकार राजसमंद जिले के बाघेरी का नाका बांध से भी पानी लाने का प्रोजेक्ट पूरा किया जा सकता है। दोनों में तकनीकी दृष्टि से प्रोजेक्ट संभव है।

पहले इन रास्तों से आता था पानी
बांध में चार मार्गों से पानी आता है। प्रथम मार्ग घोड़ाघाटी एनीकट से होते हुए भानसोल, गढवाड़ा, जावड, थामला, बडियार एनीकट, दुसरा मार्ग शिशवी, सिन्दू, महुड़ा, पलाना कलां, भारोड़ी, मोरडी होते बांध पानी पहुंचता था। तीसरा मार्ग सालोर, मोगाना, बडियार से तो चौथा मार्ग उथनोल, देपर होता हुआ थामला तालाब में पानी आता था। रास्ते में छोटे-छोटे एनीकट बन गए है, बारिश नहीं होने से इन एनीकट में पानी नहीं आ आता है तो आगे बागोलिया भी खाली पड़ा है।

टैंकर मजबूरी बन गई
अभी क्षेत्र के लोगों को मजबूरी में पानी के टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। करीब 300 से 400 रुपए प्रति टैंकर लगते है। खेती के लिए किसानों भी परेशानी अलग है।

जनप्रतिनिधि बोले.....
बागोलिया बांध की डीपीआर बन गई। सर्वे हो गया। हमने बागोलिया के नाम पर चुनाव लड़ा है। एक सूत्रीय मुद्दा है मावली की जनता का, हम इसके लिए संकल्पबद्ध है।
- धर्मनारायण जोशी, विधायक मावली

जनता की पीड़ा
मावली में इस बार विपक्ष का विधायक है। फिर भी हम सरकार के पास जाकर इस बांध को भरने व जनता को राहत दिलाने का प्रयास करेगें।
- पुष्कर गुर्जर, बडियार

बागोलियों को भरने की बात बहुत सुनी लेकिन बांध रीता ही है। अब सरकार को कुछ करके इस बांध को भरने का काम करना चाहिए।
- रतन डांगी, किसान

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