शहर में जाने कितने कोरोना कैरियर घूम रहे, किसी को नहीं पता, गली-गली अब बांट रहे संक्रमण

- लगातार ट्रांसफर कर रहे हैं संक्रमण

- शहर के अधिकांश हिस्से प्रभावित - विभिन्न देशों में सामने आ चुके हैं एेसे लोग

By: bhuvanesh pandya

Updated: 16 May 2020, 08:28 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. शहर के विभिन्न हिस्सों से कोरोना पॉजिटिव आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या और बेकाबू हालात से ये कहा जा सकता है कि शहर में अब कई एेसे कोरोना कैरियर हैं जो कोरोना संक्रमण को एक से दूसरे और तीसरे में फैला रहे हैं। एेसे में शहर के एेसे हिस्से जो संक्रमण से दूर थे, संक्रमण रहित क्षेत्र थे, अब वहां से भी संक्रमित मरीज निकल कर आ रहे हैं। कई देशों में एेसे लोग सामने आ चुके हैं जो केरियर के रूप में संक्रमण एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे में फैला रहे हैं।

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एेसे ही अपने यहां भी घूम रहे गली-गलीकोरोना वायरस महामारी में सर्वाधिक चुनौती एेसे लोगों से हैं, जो वायरस से संक्रमित हैं और इसे दूसरों को फैला सकते हैं, लेकिन स्वयं बीमार महसूस नहीं करते हैं। एेसे में वे ना तो खुद की जांच करवा रहे हैं और ना ही सोशियल डिस्टेङ्क्षसगक का पालन ही कर रहे हैं। वे बेहिचक गली-गली घूम-घूम कर ये वायरस बांट रहे हैं।

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अन्य देशों में ये निकलकर आया- बानगी

- आइसलैंड में लैब टेस्ट में सामने आया कि 50 प्रतिशत से अधिक लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं है।

- सिंगापुर में किए गए एक अध्ययन से पता चला कि कोविड-19 वाले रोगी जिनमें कोई लक्षण नहीं था, लेकिन वह संक्रमित थे, और वायरस फैलाने में सक्षम थे। हब जॉन होपकिन्स सेंटर फ ॉर हेल्थ सिक्योरिटी के एक इम्यूनोलॉजिस्ट गिगी ग्रोनवैल और जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में एक एसोसिएट प्रोफेसर के बीच चर्चा के बाद निकले निष्कर्ष में सामने आया कि कि कुछ एेसे लोग हैं जो खुद बीमार नहीं है, लेकिन उनमें वायरल लोड होता है। इसका मतलब यह है कि इन लोगों में लक्षण हैं या नहीं वे अपने अंदर वायरस समाहित किए हुए हैं। इससे पता चलता है कि दोनों ही संक्रमण फैलाने में समान रूप से काम करते हैं, जबकि जिसमें लक्षण नहीं है वह ज्यादा फैला सकता है। एेसे में ये वायरस सामुदायिक प्रसार यानी कम्प्यूनिटी स्प्रेड का कारण बन जाता है।

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- अभी भी कैरियर ही फैला रहे संक्रमण: अभी भी कोरोना कैरियर ही संक्रमण फैला रहे हैं। पहले कोई एक व्यक्ति संक्रमित होता है, इसके बाद पूरे के पूरे परिवार ही संक्रमण की जद में आ रहे हैं। शहर में अधिकांश क्षेत्रों में ये ही हो रहा है।

- अप्रेल में दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में आठ लोगों की लापरवाही से 1917 लोग संक्रमित हो गए थे। इसमें तबलीगी जमात के लोग सामने आए।

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तो ही पता चलेगा कि कौन है कोरोना कैरियर

- यदि कोरोना कैरियर्स को पकडऩा है तो विभाग को ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करने होंगे। इसके लिए चाहे तो वे विभिन्न स्थानों पर शिविर भी लगा सकते है, हालांकि इसमें ये जरूरी है कि शिविरों में सोशियल डिस्टेसिंग का पालन किया जाए।

- ये भी जरूरी है कि जो टेस्ट हो रहे हैं उनकी रिपोर्ट्स जल्द से जल्द सामने आए ताकि ज-जो संक्रमित मिल रहे हैं, उनसे अन्य लोगों को बचाया जा सके।

bhuvanesh pandya
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